हरियाणा में HCS और NEET 2026 परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा, 93 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए बायोमेट्रिक और सुरक्षा व्यवस्था सख्त।
हरियाणा में आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली हरियाणा सिविल सेवा (HCS) प्रारंभिक परीक्षा और 3 मई को होने वाली NEET परीक्षा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में आयोजित की जानी चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक, तकनीकी और सुरक्षा स्तर पर कोई भी कमी नहीं रहनी चाहिए। इस बार HCS परीक्षा में करीब 93,696 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए राज्य के 8 जिलों में 337 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन के लिए और दूसरा सत्र दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक CSAT के लिए निर्धारित किया गया है। परीक्षा केंद्र अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला में बनाए गए हैं, जहां सभी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
इस बार परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, कड़ी तलाशी और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनियमितता को रोका जा सके।
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मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएं। साथ ही, स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस स्टैंडबाय रखने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 अप्रैल से स्ट्रॉन्ग रूम पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करें और होटलों, कोचिंग सेंटरों तथा फोटोस्टेट दुकानों की नियमित जांच करें। परीक्षा से जुड़े निजी कर्मचारियों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को समाप्त किया जा सके।
बैठक के दौरान 3 मई को होने वाली NEET परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए भी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का मानना है कि इन सख्त और व्यवस्थित तैयारियों से परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। राज्य सरकार का यह कदम प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने और अभ्यर्थियों के विश्वास को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

