हरियाणा ने मिशन ओलंपिक 2036 के तहत बच्चों की प्रतिभा निखारने, वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट और निपुण भारत मिशन के विस्तार पर जोर दिया।
हरियाणा ने खेल, शिक्षा और बाल विकास के क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार करते हुए अब अपनी नजर 2036 ओलंपिक पर टिकाई है। ‘मिशन ओलंपिक 2036–विजयी भवः’ के तहत राज्य सरकार ने कम उम्र से ही प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट के रूप में तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 8 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को चयनित कर उन्हें दीर्घकालिक प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है, ताकि भविष्य में वे देश के लिए पदक जीत सकें। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन स्पोर्ट’ पहल के माध्यम से अंबाला से लेकर नूंह तक हर जिले में स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की खोज की जा रही है, जिससे हर क्षेत्र के खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सके।
इस पूरी रणनीति की समीक्षा अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में की गई, जिसमें खेलों के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परिणाम आधारित शासन के जरिए हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना चाहती है। अनुराग रस्तोगी ने कहा कि पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित प्रशासन ही हरियाणा को राष्ट्रीय विकास में अग्रणी बनाएगा।
बाल विकास और प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्री-स्कूल शिक्षा केंद्रों में बदलने का कार्य तेजी से जारी है। हजारों केंद्रों में बच्चों के लिए शिक्षा किट, खिलौने, स्वच्छता सामग्री और आरओ पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ‘खेल-खेल में सीखना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है, वहीं अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नियमित बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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इसके साथ ही राज्य सरकार ने निपुण भारत मिशन के दायरे को बढ़ाते हुए इसे मार्च 2027 तक पांचवीं कक्षा तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा और सीखने की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा की निगरानी के लिए डिजिटल आईडी (आभा और अपार) जारी करने की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है, जिससे डेटा आधारित निर्णय लेने में आसानी होगी।
पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि बच्चों को ताजा और पौष्टिक आहार मिल सके। साथ ही स्वच्छता किट के माध्यम से बच्चों में साफ-सफाई और स्वयं देखभाल की आदतें विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के माध्यम से हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड की शुरुआत की है, जिसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों को शोध के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य अकादमिक नवाचार को बढ़ावा देना और राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
कुल मिलाकर, हरियाणा का यह समग्र विकास मॉडल—जिसमें खेल, शिक्षा, पोषण और शोध को समान प्राथमिकता दी जा रही है—राज्य को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। ‘मिशन ओलंपिक 2036–विजयी भवः’ के जरिए हरियाणा अब भविष्य के चैंपियंस तैयार करने के साथ-साथ एक सशक्त और विकसित समाज की नींव भी मजबूत कर रहा है।

