हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने चुनाव कवरेज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए, केवल अधिकृत पत्रकारों को ही प्रवेश मिलेगा।
आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनज़र चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए मीडिया कवरेज से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने जानकारी देते हुए बताया कि ये दिशा-निर्देश भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की गोपनीयता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल वही मीडियाकर्मी मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों में प्रवेश कर सकेंगे, जिन्हें अधिकृत प्राधिकार पत्र जारी किया गया होगा। यह प्राधिकार पत्र राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जारी किए जाएंगे, जिसके लिए संबंधित मीडिया संस्थानों की विधिवत जांच और सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस बहुस्तरीय प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल प्रमाणित और जिम्मेदार पत्रकार ही चुनाव कवरेज कर सकें।
ए. श्रीनिवास ने यह भी चेतावनी दी कि जारी किए गए प्राधिकार पत्रों का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा और ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मतदान प्रक्रिया की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए मतदान कक्ष के भीतर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि मतदाताओं की निजता और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित न हो।
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चुनाव आयोग द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों के तहत मीडिया को एक जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई है। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनावों के दौरान सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका को देखते हुए इन नियमों को और सख्त किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक या संवेदनशील जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
इसके साथ ही, मतदान दिवस पर कवरेज करने वाले अधिकृत मीडियाकर्मियों को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है। उन्हें डाक मतदान केंद्र (PVC) के माध्यम से डाक मतपत्र सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मतदान प्रक्रिया में भी भाग ले सकें।
कुल मिलाकर, भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन तंत्र द्वारा उठाए गए ये कदम चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सख्त नियमों के लागू होने से मीडिया कवरेज अधिक जिम्मेदार और विश्वसनीय बनेगा, जिससे मतदाताओं का चुनाव प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।

