मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती तथा माइक्रो-इरिगेशन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राज्य के किसानों को मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि कम भूमि में अधिक आय प्राप्त की जा सके। उन्होंने किसानों को माइक्रो-इरिगेशन तकनीक अपनाने के लिए भी जागरूक करने पर जोर दिया, जिससे पानी की बचत और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह बात हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की दो महत्वपूर्ण रिपोर्टों का विमोचन करते हुए कही। इनमें
-
“रिपोर्ट ऑफ वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स इन हरियाणा”
-
“रिपोर्ट ऑन वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ माइक्रो इरिगेशन इन हरियाणा”
शामिल हैं।
also read : पंजाब विधानसभा बजट सत्र: स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और सीएम भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का किया स्वागत
खरीफ फसलों की मूल्य नीति पर भी बैठक
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरीफ फसलों की मूल्य नीति निर्धारण (विपणन सत्र 2026-27) को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता भी की। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक तथा हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रविंदर सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े मेडिसिनल जड़ी-बूटियों के निर्यातकों में शामिल है और हरियाणा भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन पौधों की खेती को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो यह क्षेत्र किसानों और उद्यमियों के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है।
उन्होंने बताया कि मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों का क्षेत्र केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रोसेसिंग, एक्सट्रैक्शन, वैल्यू एडेड उत्पादों का निर्माण और मार्केटिंग जैसी कई गतिविधियां शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
माइक्रो-इरिगेशन से होगी पानी की बचत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी किसानों को ऐसी फसलें उगाने के लिए प्रेरित करें जिनमें सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का उपयोग किया जा सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जारी की गई रिपोर्ट राज्य में माइक्रो-इरिगेशन को अपनाने और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को अधिक से अधिक मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती तथा माइक्रो-इरिगेशन तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा मिल सके।

