सैनी सरकार ने नियमितीकरण की संभावनाओं पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स को स्थायी नौकरी की उम्मीद जगी है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार ने गेस्ट शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। सरकार के इस रुख के बाद करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स को नौकरी स्थायी होने की उम्मीद जगी है।
शिक्षक दिवस से पहले सरकार की ओर से सामने आए इस रुख को प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए अहम माना जा रहा है। गेस्ट टीचर्स लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग करते रहे हैं।
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण पर सरकार ने दिए संकेत
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की मौजूदगी में गेस्ट टीचर्स के विभिन्न संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के साथ सरकार की बातचीत हुई। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को गेस्ट टीचर्स की सेवाओं को नियमित करने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद गेस्ट टीचर्स संगठनों में उम्मीद बढ़ी है। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब सरकार से नौकरी को स्थायित्व देने की अपेक्षा है।
कच्चे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने की तैयारी
सरकार की ओर से केवल गेस्ट टीचर्स ही नहीं, बल्कि राज्य में काम कर रहे अन्य कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित करने के लिए भी योजना तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया है कि मानव संसाधन विभाग यानी HRD ने 1 सितंबर 2026 को प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्ड और निगमों के प्रबंध निदेशकों समेत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेजे हैं। इसका उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर एक व्यापक व्यवस्था तैयार करना बताया जा रहा है।
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21 साल से सरकारी स्कूलों में दे रहे सेवाएं
हरियाणा के गेस्ट टीचर्स का कहना है कि वे करीब 21 वर्षों से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में नियमितीकरण की मांग उनके लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है।
करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि सरकार उनके लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे पर स्थायी समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री के साथ हुई हालिया बातचीत और सरकार के सकारात्मक रुख ने इन शिक्षकों की उम्मीदों को और मजबूत किया है।
2014 के चुनावी वादे से जुड़ी है नियमितीकरण की मांग
गेस्ट टीचर्स का नियमितीकरण हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। साल 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किए जाने का दावा किया जाता रहा है।
इसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। मनोहर लाल के बाद अब नायब सिंह सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि मौजूदा सरकार इस लंबे समय से लंबित मांग पर फैसला लेकर पुराने वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री से हुई अहम बैठक
गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक सोमवार को विधानसभा सत्र की कार्यवाही खत्म होने के बाद देर रात विधानसभा सचिवालय में हुई। बैठक में शिक्षकों ने नियमितीकरण समेत अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।
सरकार की ओर से नियमितीकरण की संभावनाओं पर विचार करने के संकेत मिलने के बाद शिक्षक संगठनों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस संबंध में कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है।
फैसले का इंतजार कर रहे हजारों गेस्ट टीचर्स
फिलहाल गेस्ट टीचर्स की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यदि सरकार नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस नीति तैयार करती है, तो इससे लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है।
हालांकि, नियमितीकरण को लेकर अंतिम फैसला सरकार की ओर से आधिकारिक नीति और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख ने हरियाणा के गेस्ट टीचर्स की उम्मीदों को जरूर बढ़ा दिया है।

