हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाए, मंडियों में बेहतर व्यवस्था और किसानों को समय पर भुगतान का दावा।
हरियाणा में फसल खरीद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने मंडियों में व्यापक और मजबूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
🌾 हर किसान की फसल खरीदने का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार हर किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मंडियों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी और लगातार दौरे के माध्यम से व्यवस्थाओं को सुचारु रखा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारियां की हैं और खरीद प्रक्रिया पारदर्शी व तेज बनाई गई है।
⚖️ विपक्ष पर साधा निशाना
नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के पूर्व शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था और कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलता था और व्यवस्थाएं कमजोर थीं।
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📊 सरसों और गेहूं की खरीद का आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 28 मार्च से शुरू हुई सरसों खरीद के तहत अब तक 16,046 मीट्रिक टन सरसों मंडियों में पहुंच चुकी है, जिसमें से 3,421 मीट्रिक टन की सरकारी खरीद की गई है। किसानों को लगभग ₹4.94 करोड़ का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है।
इसी तरह, 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद में 17.37 लाख मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। किसानों को ₹13.09 करोड़ का भुगतान भी सीधे उनके खातों में किया गया है।
🌧️ बारिश से नुकसान, मुआवजा प्रक्रिया शुरू
हाल ही में हुई बारिश के कारण हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित जिलों के लिए मुआवजा पोर्टल खोल दिया गया है और अब तक 1350 किसानों ने लगभग 10,088 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है।
💰 मजदूरों के वेतन में भी बड़ी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में लगभग 35% की वृद्धि की है। इससे अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों को बड़ा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
📈 किसानों और श्रमिकों के हित में सरकार की पहल
सरकार का कहना है कि फसल खरीद, मुआवजा और श्रमिक वेतन वृद्धि जैसे कदम किसानों और श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा में फसल खरीद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसानों के हितों को लेकर उठाए गए कदम चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

