गुरुग्राम में 70 किमी लंबे वाटर सप्लाई चैनल की रिमॉडलिंग से 2050 तक पर्याप्त पेयजल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तेज़ी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
हरियाणा सरकार ने तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम में एक बड़ी पेयजल परियोजना को गति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम वाटर सप्लाई चैनल की रिमॉडलिंग परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
🚰 70 किलोमीटर लंबा चैनल, 1993 करोड़ की लागत
यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 70 किलोमीटर लंबे सप्लाई चैनल के निर्माण से जुड़ी है, जिस पर करीब ₹1993 करोड़ की लागत आएगी। इस चैनल के जरिए सोनीपत के काकरोई हेड से गुरुग्राम के बसई जलघर तक पानी पहुंचाया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम को 686 क्यूसेक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जो 2050 तक की बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगी।
💧 भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चैनल की क्षमता को बढ़ाकर 1000 क्यूसेक किया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में अधिक आबादी को इसका लाभ मिल सके। इसके अलावा, एनसीआर कैनाल से 500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति अलग से की जाएगी, जिससे कुल मिलाकर गुरुग्राम को 1500 क्यूसेक पानी उपलब्ध होगा।
साथ ही, मेवात क्षेत्र के लिए 389 क्यूसेक पेयजल का अलग प्रावधान भी किया जाएगा।
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🏗️ अंडरग्राउंड पाइपलाइन और सोलर ऊर्जा का उपयोग
इस परियोजना में पूरी तरह अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी की शुद्धता बनाए रखी जा सके। इसके अलावा, पाइपलाइन के ऊपर सोलर पैनल लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
🏭 वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की तैयारी
पानी के सही वितरण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसके लिए स्थान का चयन किया जा चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
⏱️ निर्धारित समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को ढाई वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसे निर्धारित समय से लगभग तीन महीने पहले पूरा करने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गुरुग्राम की तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है और हर नागरिक को स्वच्छ व पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
📈 शहरी विकास में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में जल संकट जैसी समस्याओं से राहत दिलाएगी।
कुल मिलाकर, गुरुग्राम वाटर सप्लाई चैनल की रिमॉडलिंग न केवल शहर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

