मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर ईडी और नोटिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि पंजाब की एकता व बेअदबी कानून पर कोई समझौता नहीं होगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। संगरूर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी समय के करीब आते ही ईडी की कार्रवाई, नोटिस और छापेमारी की राजनीति तेज हो जाती है, जिसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाना होता है।
ईडी और नोटिस के दुरुपयोग का आरोप
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सब विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार इन दबावों से डरने वाली नहीं है और पंजाब के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
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बेअदबी कानून पर सरकार का रुख साफ
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बेअदबी कानून को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी।
मान ने कहा कि यह कानून राज्य की भावनाओं और आस्था से जुड़ा हुआ है, और इसका विरोध करने वाले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई देश ऐसे मामलों में सख्त कानूनों का समर्थन करते हैं, इसलिए इस कानून को हटाने का सवाल ही नहीं उठता।
पंजाब की एकता और भाईचारे पर जोर
मुख्यमंत्री ने पंजाब की सामाजिक एकता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य का भाईचारा बहुत मजबूत है और इसे कोई भी ताकत तोड़ नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से शांति, भाईचारे और सह-अस्तित्व की भूमि रहा है, और यहां नफरत फैलाने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
मान ने कहा, “पंजाब की मिट्टी में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, यहां केवल प्रेम और एकता को ही स्वीकार किया जाता है।”
भाजपा पर राजनीतिक तनाव फैलाने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक तनाव और अस्थिरता फैलाने के भी आरोप लगाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों में जानबूझकर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाया जा रहा है।
निष्कर्ष
भगवंत मान के इस बयान के बाद पंजाब और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज हो सकती है।

