हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना पूरी कर नागरिकों से डिजिटल भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
हरियाणा में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देते हुए जनगणना 2027 की तैयारियों को नई दिशा दी जा रही है। इसी क्रम में अनुराग रस्तोगी ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल करने और इसे अधिक पारदर्शी, सटीक एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर अनुराग रस्तोगी ने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना प्रणाली पूरी तरह उपयोगकर्ता-अनुकूल और सुरक्षित है, जिससे नागरिक अपने समय और सुविधा के अनुसार अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल लोगों का समय बचाएगी, बल्कि जब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, तब नागरिक पहले से भरी गई जानकारी उनके साथ साझा कर सकेंगे, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और व्यवस्थित हो सकेगा।
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जनगणना 2027 को ध्यान में रखते हुए सरकार का फोकस डिजिटल भागीदारी बढ़ाने पर है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठा सकें। अनुराग रस्तोगी ने नागरिकों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और सही व समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि सटीक आंकड़े ही प्रभावी नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना के आंकड़े संसाधनों के उचित वितरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान ललित जैन, जो हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक हैं, और हेमा शर्मा भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी डिजिटल जनगणना प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी को बेहद जरूरी बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्व-गणना की यह पहल भारत में जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे न केवल डेटा संग्रहण की गति तेज होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
कुल मिलाकर, अनुराग रस्तोगी द्वारा की गई स्व-गणना प्रक्रिया हरियाणा में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और जनगणना 2027 को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम के रूप में देखी जा रही है।

