हरियाणा में मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन को लेकर श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तैयारियों के निर्देश दिए।
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और जन-धन के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक के दौरान श्रुति चौधरी ने निर्देश दिए कि बाढ़ से संबंधित सभी कार्यों के लिए इसी सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, ताकि समय पर कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने विशेष रूप से पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कार्य का भुगतान तभी किया जाएगा जब एसई, एक्सईएन, जेई और संबंधित सरपंच द्वारा उसका सत्यापन किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्य मानकों के अनुरूप और सही तरीके से पूरे किए जाएं।
मंत्री ने गाद निकालने के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष निगरानी टीम गठित करने के आदेश भी दिए गए हैं, जो विभिन्न जिलों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करेगी और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इससे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर नजर रखी जा सकेगी।
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सामग्री की खरीद को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाइप, पंप, रेत की बोरियां और अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, सभी नहरों, ड्रेनों और जल निकासी प्रणालियों की सफाई और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि मानसून से पहले इन सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव सुचारू रूप से बना रहे और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
कुल मिलाकर, श्रुति चौधरी की अध्यक्षता में हुई यह बैठक हरियाणा में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर संभावित बाढ़ के खतरे को कम किया जाए और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

