Gold Jewellery Demand: महंगे सोने के कारण भारत में गोल्ड ज्वेलरी की मांग में 15% गिरावट दर्ज हुई। जानें WGC रिपोर्ट, खरीदारी में कमी और भविष्य का ट्रेंड।
Gold Jewellery Demand: सोने की बढ़ती कीमतों का असर अब ज्वेलरी बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत में सोने के आभूषणों की मांग में पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में भारत में गोल्ड ज्वेलरी की खरीदारी घटकर करीब 75 टन रह गई। वहीं, वैश्विक स्तर पर भी ज्वेलरी की मांग कमजोर रही और अप्रैल-जून तिमाही में यह लगभग 278 टन दर्ज की गई।
महंगे सोने के कारण लोगों ने टाली खरीदारी
सोने की कीमतों में लगातार तेजी को ज्वेलरी की मांग में गिरावट का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। ऊंची कीमतों के चलते कई ग्राहकों ने सोने के आभूषण खरीदने की अपनी योजना को आगे बढ़ा दिया।
जिन लोगों ने खरीदारी की, उन्होंने भारी और महंगे आभूषणों की जगह हल्के वजन वाली ज्वेलरी को प्राथमिकता दी। ग्राहकों का रुझान अब ऐसे डिजाइन की ओर बढ़ रहा है, जिनमें कम सोना इस्तेमाल हो और कीमत भी नियंत्रित रहे।
पहली तिमाही के मुकाबले बढ़ी मांग, लेकिन सालाना आधार पर गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून की अवधि में भारत में सोने की ज्वेलरी मांग जनवरी से मार्च तिमाही के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मांग में कमी बनी हुई है।
2026 के पहले छह महीनों में भारत में गोल्ड ज्वेलरी की कुल मांग लगभग 141 टन रही, जो पिछले साल के मुकाबले 17 प्रतिशत कम है।
कम खरीदा सोना, लेकिन खर्च हुए ज्यादा पैसे
भले ही भारत में सोने की मात्रा के हिसाब से खरीदारी कम हुई है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुल खर्च बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, साल के पहले छह महीनों में गोल्ड ज्वेलरी की कुल वैल्यू करीब 21 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 26 प्रतिशत से ज्यादा अधिक है। यानी ग्राहकों ने मात्रा में कम सोना खरीदा, लेकिन बढ़ी हुई कीमतों के कारण ज्यादा भुगतान किया।
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सोने में निवेश का बढ़ा रुझान
गोल्ड ज्वेलरी के अलावा निवेश के लिए सोने की मांग में भी बदलाव देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड ETF, बार और सिक्कों में निवेश अप्रैल-जून तिमाही में करीब 262 टन रहा।
वहीं, साल के पहले छह महीनों में गोल्ड बार और सिक्कों में निवेश पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा रहा। इससे पता चलता है कि कई निवेशक आभूषणों की जगह सोने को निवेश के विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे सोने का भंडार
दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं। अप्रैल से जून 2026 के दौरान वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने करीब 289 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा, जो पिछले साल की समान अवधि से 62 प्रतिशत अधिक है। भारत के रिजर्व बैंक ने भी इस दौरान करीब 200 किलोग्राम सोने की खरीदारी की।
आने वाले समय में कैसा रह सकता है गोल्ड ज्वेलरी बाजार?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अगर सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो ज्वेलरी की मांग पर दबाव जारी रह सकता है।
ऐसी स्थिति में ग्राहक भारी आभूषणों की जगह हल्की ज्वेलरी खरीदना पसंद कर सकते हैं। वहीं, निवेश के तौर पर सोने की मांग मजबूत बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।

