ESDS Software Solution के शेयर में लगातार तीसरे दिन 20% अपर सर्किट लगा और भाव ₹1,308 पर पहुंच गया। जानें ₹429 के IPO से अब तक का रिटर्न और कंपनी का प्रदर्शन।
ESDS Software Solution Share Price: शेयर बाजार में ESDS Software Solution के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। मंगलवार, 8 सितंबर को कंपनी के शेयर में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा। इसके साथ शेयर की कीमत बढ़कर ₹1,308.05 पर पहुंच गई।
कंपनी के शेयर ने अपने ₹429 के IPO इश्यू प्राइस से अब तक 204 फीसदी से अधिक की छलांग लगाई है। यानी आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के बाद शानदार रिटर्न मिला है।
₹429 से ₹1,308 पहुंचा शेयर
ESDS Software Solution का आईपीओ ₹429 प्रति शेयर के ऊपरी मूल्य पर आया था। बाजार में शानदार शुरुआत के बाद शेयर में लगातार खरीदारी देखने को मिली। अब तीन कारोबारी दिनों में शेयर का भाव ₹1,308.05 तक पहुंच चुका है।
इस स्तर पर शेयर अपने IPO मूल्य की तुलना में 204 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, इतनी तेजी के बाद शेयर में आगे उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।
NSE पर 76 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर हुई थी लिस्टिंग
ESDS Software Solution के शेयरों ने बाजार में भी मजबूत एंट्री की थी। कंपनी का शेयर NSE पर ₹757 के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था।
₹429 के IPO मूल्य की तुलना में यह करीब 76.5 फीसदी प्रीमियम था। मजबूत लिस्टिंग के बाद भी शेयर में तेजी जारी रही और कुछ ही सत्रों में यह ₹1,300 के पार पहुंच गया।
IPO को मिला था 136 गुना सब्सक्रिप्शन
कंपनी के IPO को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू कुल 136 गुना सब्सक्राइब हुआ था। निवेशक वर्ग के हिसाब से देखें तो QIB कैटेगरी में इश्यू को 261 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं NII और रिटेल निवेशकों की कैटेगरी क्रमशः करीब 193 गुना और 40 गुना सब्सक्राइब हुई थी।
क्या था ESDS Software IPO का प्राइस बैंड?
कंपनी का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू था। इसका मतलब है कि नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम कंपनी को मिली। IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 प्रति शेयर रखा गया था। सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए करीब ₹216 करोड़ जुटाए थे। एंकर निवेशकों को ₹429 प्रति शेयर की कीमत पर 50.34 लाख शेयर आवंटित किए गए थे।
IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी ने IPO से जुटाई गई रकम के बड़े हिस्से को अपने डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर खर्च करने की योजना बनाई है।
करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग उपकरण और अन्य डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद एवं स्थापना में किया जाना है। बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
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क्या कारोबार करती है ESDS Software Solution?
ESDS Software Solution डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सेवाओं से जुड़े कारोबार में सक्रिय है। कंपनी Infrastructure-as-a-Service (IaaS), Managed Services और Software-as-a-Service (SaaS) जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
सरल शब्दों में, कंपनी कारोबारों, सरकारी संस्थानों और दूसरे ग्राहकों को क्लाउड कंप्यूटिंग तथा डेटा सेंटर से संबंधित तकनीकी समाधान मुहैया कराती है।
बैंकिंग से लेकर सरकारी संस्थानों तक ग्राहक
कंपनी का ग्राहक आधार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मौजूद है। इसके कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, सरकारी संस्थानों तथा विभिन्न एंटरप्राइज ग्राहकों की अहम भूमिका है।
क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को कंपनी के कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
FY26 में आय 28 फीसदी बढ़ी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी FY26 के दौरान सुधार देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, FY26 में ESDS Software Solution की कुल आय 28 फीसदी बढ़कर ₹480.65 करोड़ हो गई।
FY25 में कंपनी की कुल आय ₹376.64 करोड़ थी। इस तरह एक साल में कंपनी की आय में 100 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
मुनाफा 117 फीसदी बढ़कर ₹120.82 करोड़
आय में बढ़ोतरी के साथ कंपनी के मुनाफे में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। FY26 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 117 फीसदी बढ़कर ₹120.82 करोड़ हो गया।
इसके मुकाबले FY25 में कंपनी का PAT ₹55.61 करोड़ था। यानी एक साल में कंपनी के मुनाफे में दोगुने से भी ज्यादा का इजाफा हुआ।
निवेशकों की नजर में क्यों है ESDS Software?
शेयर में लगातार हो रही तेजी के पीछे कंपनी के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर कारोबार और मुनाफे में सुधार जैसे कारक निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। डिजिटल सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरत भी कंपनी के लिए कारोबारी अवसर पैदा कर सकती है।
हालांकि, शेयर में कम समय में आई इतनी बड़ी तेजी के बाद निवेशकों को केवल रिटर्न देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी के वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार से जुड़े जोखिम और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करने के बाद ही निवेश का निर्णय लेना उचित है।
डिस्क्लेमर: यह लेख निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।

