DU की लॉ फैकल्टी में प्रोफेसर पर कथित हमले से विवाद बढ़ा। आरोपी रिसर्च स्कॉलर निलंबित हुआ, जबकि DTF ने सख्त कार्रवाई और शिक्षक सुरक्षा की मांग की।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी में प्रोफेसर पर कथित हमले का मामला सामने आया है। घटना 17 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि एक रिसर्च स्कॉलर ने प्रोफेसर पर हमला किया और उन्हें थप्पड़ मारा। घटना के बाद डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने नाराजगी जताते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
CCTV में कैद हुई घटना
DTF के अनुसार, घटना से जुड़ी CCTV फुटेज में कथित तौर पर छात्र प्रोफेसर का इंतजार करता नजर आ रहा है। जैसे ही प्रोफेसर बिल्डिंग में दाखिल हुए, छात्र ने उन पर हमला कर दिया।
शिक्षक संगठन ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी शिक्षक के साथ शारीरिक हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। DTF ने प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आरोपी छात्र किया गया निलंबित
घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से 17 अगस्त को आदेश जारी किया गया। इसके तहत आरोपी छात्र को निलंबित कर दिया गया है।
हालांकि, DTF का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। संगठन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आगे की सख्त कार्रवाई और कैंपस में शिक्षकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
लॉ फैकल्टी में पहले भी सामने आए मामले
DTF ने दावा किया कि लॉ फैकल्टी में शिक्षकों के साथ कथित दुर्व्यवहार का यह पहला मामला नहीं है। संगठन के मुताबिक, हाल में कुछ प्रोफेसरों के साथ एक छात्र द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी।
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शिक्षक संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो इससे कैंपस में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
DTF ने पुरानी घटना का भी किया जिक्र
DTF ने पिछले साल की एक अन्य घटना को भी अपने बयान में शामिल किया। संगठन के मुताबिक, DUSU की तत्कालीन जॉइंट सेक्रेटरी दीपिका झा पर डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज में एक प्रोफेसर को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था।
DTF ने इन घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षक सुरक्षा को अलग-अलग घटनाओं के बजाय विश्वविद्यालय स्तर की गंभीर समस्या के तौर पर देखा जाना चाहिए।
शिक्षक सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की मांग
DTF ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि लॉ फैकल्टी की ताजा घटना में आरोपी के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही शिक्षकों की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए कैंपस में स्पष्ट नियम और जवाबदेही तय की जाए।
DTF अध्यक्ष राजीब रे और सचिव आभा देव हबीब ने कहा कि सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। विश्वविद्यालय को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से प्रभावी सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था तैयार करनी चाहिए।

