दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर हुए हमले के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर गैंगस्टरों को संरक्षण देने और पंजाब के कलाकारों को डराने का आरोप लगाया।
मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर हुए हमले ने पंजाब की राजनीति को पूरी तरह गर्मा दिया है। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखे हमले करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि यह हमला केवल एक व्यक्ति को डराने की कोशिश नहीं बल्कि पंजाब की आवाज दबाने और कलाकारों को धमकाने की साजिश है।
घटना के बाद पंजाब सरकार के कई मंत्रियों और पार्टी नेताओं ने खुलकर प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर गैंगस्टरों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी का कहना है कि देश में अब राजनीतिक विरोधियों और स्वतंत्र आवाज उठाने वाले कलाकारों को डराने के लिए अपराधियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि कुछ समय पहले भाजपा की ओर से दिलजीत दोसांझ को पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि दिलजीत ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और उसके कुछ ही समय बाद उनके मैनेजर के घर पर हमला हुआ।
चीमा ने कहा कि इस हमले की जिम्मेदारी जिस गैंगस्टर ने ली है, वह गुजरात की जेल में बंद है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जेल में बंद अपराधी बाहरी दुनिया में इस तरह की घटनाओं को कैसे अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इस प्रकार की गतिविधियां संभव नहीं हो सकतीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब डर और दबाव की राजनीति कर रही है। उनके अनुसार, देश के बड़े कलाकारों, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर भय का माहौल बनाया जा रहा है ताकि कोई भी सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत न कर सके।
पंजाब के कलाकारों को निशाना बनाने का आरोप
आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि पंजाब हमेशा से अपनी संस्कृति, कला और स्वतंत्र सोच के लिए जाना जाता है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा पंजाब की उन्हीं आवाजों को दबाना चाहती है जो उनके राजनीतिक एजेंडे के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के कलाकारों को डराने और उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश के प्रसिद्ध कलाकार भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।
उन्होंने केंद्र सरकार और गुजरात प्रशासन से मांग की कि जेलों के भीतर से संचालित हो रही आपराधिक गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
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डॉ. बलबीर ने कहा- पंजाब सब समझ रहा है
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर ने भी इस घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले दिलजीत दोसांझ को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने की कोशिश की गई और जब उन्होंने इनकार कर दिया तो अचानक उनके करीबी लोगों को निशाना बनाया जाने लगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने पहले भी कठिन दौर देखा है और अब लोग सब समझ रहे हैं। उनके अनुसार, पंजाब की जनता किसी भी प्रकार की डराने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
डॉ. बलबीर ने आरोप लगाया कि जेल में बंद गैंगस्टरों को राजनीतिक संरक्षण देकर उन्हें दूसरे राज्यों में अशांति फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरे की घंटी है।
बलजीत कौर ने उठाए कई सवाल
मंत्री बलजीत कौर ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी घटनाक्रम की समयरेखा अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि पहले राजनीतिक प्रस्ताव दिया गया, फिर इनकार हुआ और उसके कुछ समय बाद हमला हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाबियों को डराने के लिए गैंगस्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब के लोग कभी भी दबाव और धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी गैंगस्टर को जेल में रहते हुए इतनी छूट मिल रही है कि वह खुलेआम हमलों की जिम्मेदारी ले रहा है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।
सोशल मीडिया पर भी तेज हुई राजनीतिक लड़ाई
घटना के बाद पंजाब की राजनीति सोशल मीडिया पर भी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दी। आम आदमी पार्टी के कई मंत्रियों और नेताओं ने अपने सामाजिक माध्यमों पर इस घटना की निंदा की और भाजपा को घेरा।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। कई नेताओं ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा कि आखिर जेलों के भीतर से आपराधिक नेटवर्क कैसे संचालित हो रहे हैं।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले पर अभी तक भाजपा की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह मुद्दा केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आगामी राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है।
कलाकारों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद पंजाब के कलाकारों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ वर्षों में कई कलाकारों और प्रसिद्ध हस्तियों को धमकियां मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि कलाकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा इस हमले के पीछे शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पंजाब की राजनीति में बढ़ सकता है तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद पंजाब में सत्तारूढ़ दल और भाजपा के बीच टकराव और बढ़ सकता है। आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर जनता के बीच उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच और आगे आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है। पंजाब की जनता अब यह जानना चाहती है कि इस हमले के पीछे आखिर असली सच्चाई क्या है और क्या दोषियों तक जांच एजेंसियां पहुंच पाएंगी।

