SIR और जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों ने क्षतिपूर्ति अवकाश, समय पर वेतन और गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत की मांग की।
झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ की धनबाद जिला इकाई ने शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) अभिषेक झा से मुलाकात की। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें SIR और जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों को क्षतिपूर्ति अवकाश, समय पर वेतन भुगतान और गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत देने की मांग प्रमुख रही।
SIR और जनगणना ड्यूटी के बदले मिले छुट्टी
शिक्षक संघ ने मांग की कि जनगणना और SIR जैसे सरकारी कार्यों में लगाए गए शिक्षकों को यदि सार्वजनिक अवकाश के दिन ड्यूटी करनी पड़ती है, तो उसके बदले उन्हें क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाए।
संघ का कहना है कि अतिरिक्त सरकारी जिम्मेदारियों के कारण शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ता है। ऐसे में अवकाश के दिन किए गए कार्य के बदले छुट्टी मिलना जरूरी है।
समय पर वेतन भुगतान की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान में होने वाली देरी का मुद्दा भी DEO के सामने रखा। शिक्षकों ने मांग की कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों को हर महीने समय पर वेतन मिल सके।
संघ ने वित्त विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की, जिससे वेतन से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मिले राहत
शिक्षक संघ ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग भी की। प्रतिनिधियों का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य दायित्व विद्यार्थियों को पढ़ाना है। यदि उन्हें लगातार दूसरे विभागों से जुड़े कार्यों में लगाया जाएगा तो इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ सकता है। संघ ने शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों से दूर रखने पर जोर दिया।
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प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा के बीच हो पर्याप्त अंतर
ज्ञापन में 10वीं कक्षा की प्री-बोर्ड परीक्षा और बोर्ड परीक्षा के फॉर्म भरने की प्रक्रिया के बीच कम से कम एक महीने का अंतर रखने की मांग की गई।
शिक्षकों का कहना है कि पर्याप्त समय मिलने से स्कूलों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु तरीके से चल सकेंगी और विद्यार्थियों की तैयारी भी बेहतर हो पाएगी।
ई-विद्यावाहिनी पोर्टल की समस्याएं दूर करने की मांग
शिक्षकों और कर्मचारियों के ऑनलाइन अवकाश से संबंधित ई-विद्यावाहिनी पोर्टल की समस्याओं का मुद्दा भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाया। संघ ने पोर्टल पर अवकाश आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने और तकनीकी दिक्कतों का जल्द समाधान करने की मांग की। DEO अभिषेक झा ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुनने के बाद उचित कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया।
61 स्कूलों के शिक्षकों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण
धनबाद में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिले के 237 प्राथमिक कक्षा वाले चिन्हित स्कूलों में संपर्क फाउंडेशन की ओर से संपर्क टीवी डिवाइस उपलब्ध कराया गया है।
इन डिवाइस के जरिए बच्चों को ऑडियो-विजुअल सामग्री के माध्यम से पढ़ाने और उनकी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में शुक्रवार को बीएसएस बालिका उच्च विद्यालय में 61 स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को संपर्क टीवी के तकनीकी संचालन और कक्षा में इसके शैक्षणिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
25 अगस्त तक पूरा होगा प्रशिक्षण
संपर्क फाउंडेशन की योजना के अनुसार जिले के सभी 237 चयनित विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को 25 अगस्त तक प्रशिक्षण दिया जाना है। जिला समन्वयक महेश कुमार मंडल ने शिक्षकों को डिवाइस के बेहतर इस्तेमाल और बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए ऑडियो-विजुअल माध्यम के उपयोग के बारे में जानकारी दी।

