दिल्ली-NCR में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6 दिनों तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। जानें अपने शहर का मौसम और IMD का अपडेट।
दिल्ली-NCR में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम में बदलाव के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर बने मौसम संबंधी सिस्टम और मानसून ट्रफ की स्थिति के कारण उत्तर और मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
22 अगस्त को दिल्ली-NCR में कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
दिल्ली में लगातार बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।
मध्य भारत में भी भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में गरज के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। उत्तराखंड में भी खराब मौसम के दौरान आंधी और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी एक्टिव रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 अगस्त को कई जगहों पर व्यापक बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी कई स्थानों पर बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
मानसून सिस्टम से क्यों बढ़ी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, 21 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था।
इसके अलावा मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर और कानपुर होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र से बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ रही थी। इन मौसमी परिस्थितियों की वजह से उत्तर और मध्य भारत में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।
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अगले 6 दिनों में कहां होगी बारिश?
22 से 23 अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 22 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 25 अगस्त और पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 से 26 अगस्त तक बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 23 से 25 अगस्त के बीच भी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में 22 से 27 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी रह सकता है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश
बिहार में 22 से 24 अगस्त के दौरान कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 25 से 27 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में हल्की या छिटपुट बारिश की संभावना है।
झारखंड और ओडिशा में 22 से 27 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में भी बरसेंगे बादल
अरुणाचल प्रदेश में 23 से 27 अगस्त तक बारिश जारी रह सकती है। असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 22-23 तथा 25-27 अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है।
कोंकण और गोवा में 22 से 27 अगस्त तक बारिश का दौर बना रह सकता है। मध्य महाराष्ट्र में 26 अगस्त को कई जगहों पर व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 22 से 27 अगस्त के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी इस अवधि के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में 22-23 अगस्त तथा केरल में 23-25 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए दिल्ली-NCR समेत बारिश प्रभावित राज्यों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक प्रभावित होने और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है। मौसम खराब होने पर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना बेहतर रहेगा।

