Dabur India Share Price में FSSAI की कार्रवाई के बाद गिरावट आई है। जानें डाबर के किन प्रोडक्ट्स पर रोक लगी और क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला।
Dabur India Share Price: FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया के शेयरों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI की कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयर दबाव में आ गए और इनमें 3.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
शेयर में गिरावट के बाद डाबर इंडिया का भाव करीब 410.5 रुपये के आसपास पहुंच गया। बाजार में इस गिरावट को कंपनी के कुछ प्रोडक्ट्स की लेबलिंग को लेकर उठे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
FSSAI ने ‘100% Pure’ और ‘100% Natural’ दावों पर लगाई रोक
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया को अपने कई प्रोडक्ट्स पर ‘100% Pure’ और ‘100% Natural’ जैसे दावे इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
रेगुलेटर का कहना है कि इस तरह के दावे खाद्य उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों के अनुरूप नहीं हैं। FSSAI ने कंपनी से इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है और इसके लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।
इन डाबर प्रोडक्ट्स पर हुआ असर
FSSAI की कार्रवाई के दायरे में डाबर के कई लोकप्रिय उत्पाद शामिल हैं, जिनमें शामिल हैं:
- डाबर हनी (Dabur Honey)
- डाबर गाय का घी (Dabur Cow Ghee)
- डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर (Dabur Himalayan Organic Apple Cider Vinegar)
- डाबर होममेड कोकोनट मिल्क (Dabur Homemade Coconut Milk)
- डाबर वर्जिन कोकोनट ऑयल (Dabur Virgin Coconut Oil)
- डाबर तिल का तेल (Dabur Sesame Oil)
- डाबर कोकोनट वॉटर (Dabur Coconut Water)
also read: Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम में नहीं हुआ बदलाव, जा…
FSSAI ने क्यों लिया सख्त कदम?
FSSAI के मुताबिक, कंपनी को पहले भी ‘100%’ जैसे दावों को हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे। रेगुलेटर ने डाबर को अपनी वेबसाइट और प्रोडक्ट पैकेजिंग से ऐसे दावों में बदलाव करने के लिए कहा था।
FSSAI का आरोप है कि चेतावनी के बाद भी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिसके बाद प्राधिकरण ने बिक्री पर रोक लगाने जैसा कदम उठाया।
भ्रामक विज्ञापन और लेबलिंग पर FSSAI की सख्ती
FSSAI लगातार पैकेज्ड फूड कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मौजूद खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और मार्केटिंग दावों की जांच कर रहा है।
रेगुलेटर का मानना है कि ‘100% Pure’ जैसे शब्द ग्राहकों को यह संकेत दे सकते हैं कि कोई उत्पाद अन्य सभी उत्पादों से बेहतर या पूरी तरह अलग है। ऐसे दावों से उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं, इसलिए FSSAI ने इस तरह की मार्केटिंग पर सख्ती बढ़ाई है।
डाबर शेयर पर निवेशकों की नजर
FSSAI की कार्रवाई के बाद डाबर इंडिया के शेयरों में गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। अब बाजार की नजर कंपनी के जवाब और इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी हुई है।
डाबर भारत की प्रमुख FMCG कंपनियों में शामिल है और इसके कई प्रोडक्ट्स घरेलू बाजार में लंबे समय से लोकप्रिय रहे हैं। ऐसे में कंपनी की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम शेयर प्रदर्शन के लिए अहम हो सकते हैं।

