बहराइच में मुख्यमंत्री योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा और इंसेफेलाइटिस को लेकर गंभीर आरोप लगाए। रेल परियोजना से कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय इंसेफेलाइटिस और दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारियों से बच्चों की मौत होती थी, लेकिन तत्कालीन सरकारें इन मौतों की वास्तविक वजह छिपाने के लिए बीमारी को ‘अज्ञात’ बताती थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने बहराइच पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और विकास के साथ-साथ पिछली सरकारों की कार्यशैली को लेकर भी अपनी बात रखी।
इंसेफेलाइटिस को लेकर पिछली सरकारों पर हमला
सीएम योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में एक दौर ऐसा था, जब मानसून के मौसम में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों का प्रकोप चिंता का बड़ा कारण बन जाता था। उनके मुताबिक, बीमारी की वजह से कई मासूम बच्चों की जान चली जाती थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकारों ने बीमारी की वास्तविक स्थिति को स्वीकार करने के बजाय इसे ‘अज्ञात बीमारी’ बताकर लोगों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने बीमारी की पहचान और उसके प्रभाव को रोकने के लिए गंभीरता से काम किया।
‘बीमारी को खत्म करने पर किया काम’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा सरकार ने किसी समस्या से नजरें चुराने के बजाय उसका समाधान तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र में माता-पिता को पहले की तरह अपने बच्चों को लेकर इंसेफेलाइटिस और दिमागी बुखार की चिंता नहीं रहती। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए बदलाव को सरकार की उपलब्धियों से जोड़ते हुए पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए।
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बहराइच में रेलवे परियोजना का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण परियोजना का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
करीब 56.15 किलोमीटर लंबे रेल खंड को लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने के साथ इसका विद्युतीकरण किया गया है। इसके अलावा चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किए जाने की जानकारी भी दी गई।
बहराइच को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास को नई गति देती है। उन्होंने कहा कि जब परिवहन के साधन बेहतर होते हैं तो व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि नए भारत में रैपिड रेल, अमृत भारत, नमो भारत और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं देश के बुनियादी ढांचे में बदलाव का उदाहरण हैं। बहराइच जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
बहराइच के ऐतिहासिक गौरव का किया जिक्र
सीएम योगी ने बहराइच के इतिहास और महाराजा सुहेलदेव की वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक अपेक्षित विकास से दूर रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने इसी क्षेत्र में सालार मसूद को पराजित किया था। उन्होंने दावा किया कि पहले विदेशी आक्रांता से जुड़े आयोजनों को महत्व दिया जाता था, जबकि अब महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में विशाल स्मारक का निर्माण किया गया है।
भारत-नेपाल संबंधों को मिलेगी मजबूती
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल कनेक्टिविटी को भारत और नेपाल के बीच संपर्क बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि रेल संपर्क बेहतर होने से सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। यह कनेक्टिविटी कतर्नियाघाट के साथ-साथ अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों तक पहुंच को भी सुविधाजनक बनाने में सहायक हो सकती है।
दशकों पुरानी मांग पूरी होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की उम्मीद कर रहे थे। उनके अनुसार, कई पीढ़ियों के इंतजार के बाद यह परियोजना साकार हुई है।
उन्होंने कहा कि रेल नेटवर्क के विस्तार से बहराइच और आसपास के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक सक्षम बनाना है।

