मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म देखी। उन्होंने इतिहास से सीख लेकर राष्ट्रीय एकता मजबूत करने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विभाजन विभीषिका की त्रासदी पर केंद्रित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग और लघु फिल्म के अवलोकन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विभाजन के दौर की ऐतिहासिक घटनाओं और उससे जुड़ी पीड़ाओं को विभिन्न रचनात्मक माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास को केवल परीक्षा की तैयारी या पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। इतिहास हमें देश के गौरवशाली अध्यायों से प्रेरणा लेने और अतीत की गलतियों से सीखकर भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर देता है।
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विभाजन की त्रासदी से सीख लेने की जरूरत
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन के दौरान सामने आई मानवीय त्रासदी को प्रदर्शनी, चित्रकला और लघु फिल्म के माध्यम से दर्शाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को विभाजन के इतिहास और उससे जुड़े अनुभवों से परिचित कराना तथा उस दौर की घटनाओं से सीख लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास की स्मृतियां वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की एकता के महत्व को समझने में मदद करती हैं। अतीत के अनुभवों से सीख लेकर समाज को मजबूत और एकजुट बनाने की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।
इतिहास की स्मृतियों से एकता का संकल्प!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आज लखनऊ में विभाजन विभीषिका की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी, लाइव पेंटिंग एवं लघु फिल्म के अवलोकन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इतिहास केवल परीक्षा का पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि… pic.twitter.com/iOPC5RTSVJ
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 14, 2026
राष्ट्र की एकता और अखंडता का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत बनाए रखने के संकल्प को और दृढ़ करने का आह्वान किया। उन्होंने इतिहास के सकारात्मक पक्षों से प्रेरणा लेने और अतीत की घटनाओं से आवश्यक सबक हासिल करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में विभाजन विभीषिका से जुड़े विषयों की कलात्मक प्रस्तुति ने इतिहास के उस दौर की यादों को सामने रखा। प्रदर्शनी और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को देश के इतिहास को समझने तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व पर विचार करने का अवसर मिला।
इतिहास से भविष्य के लिए सीख
मुख्यमंत्री के संदेश का केंद्र यह रहा कि इतिहास केवल बीती घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य की दिशा तय करने का माध्यम भी है। अतीत की गलतियों से सबक लेकर समाज और राष्ट्र को अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम विभाजन विभीषिका की स्मृतियों को याद करने और राष्ट्रीय एकता के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

