बच्चों की हेल्थ के लिए CBC, विटामिन D, B12 और थायरॉयड टेस्ट जरूरी—जानिए कब और क्यों कराएं ये जांच।
आज के समय में बदलती जीवनशैली, पोषण की कमी और बढ़ते संक्रमण के कारण बच्चों में भी कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर जरूरी हेल्थ टेस्ट कराना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सके और सही समय पर इलाज शुरू किया जा सके।
एम्स के कैमिस्ट्री विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार के अनुसार, बच्चों की सेहत का सही आकलन करने के लिए कुछ बेसिक ब्लड टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें सबसे पहला और जरूरी टेस्ट सीबीसी (Complete Blood Count) है, जो शरीर में खून की स्थिति, इन्फेक्शन और एनीमिया जैसी समस्याओं का संकेत देता है। इसके अलावा विटामिन D और विटामिन B12 की जांच भी आज के समय में जरूरी हो गई है, क्योंकि बच्चों में इनकी कमी तेजी से देखी जा रही है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि बच्चे की ग्रोथ सामान्य नहीं है, जैसे कि उसकी लंबाई या वजन उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रहा है, तो कैल्शियम टेस्ट और थायरॉयड फंक्शन टेस्ट भी कराना चाहिए। कई मामलों में ग्रोथ हार्मोन की जांच भी जरूरी होती है, जिससे यह पता चलता है कि बच्चा अपनी उम्र के अनुसार सही तरीके से विकसित हो रहा है या नहीं। हालांकि, यह टेस्ट हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही कराया जाना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है, उसे भूख कम लगती है, वजन कम या ज्यादा हो रहा है, पढ़ाई में ध्यान नहीं लग रहा या व्यवहार में बदलाव आ रहा है, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। वहीं, अगर बच्चा पूरी तरह स्वस्थ दिख रहा है, तब भी हर 1 से 2 साल में एक बार बेसिक हेल्थ चेकअप कराना फायदेमंद होता है।
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टेस्ट करवाने के लिए सही लैब का चयन भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जांच हमेशा मान्यता प्राप्त और विश्वसनीय लैब से ही करानी चाहिए, क्योंकि गलत रिपोर्ट से इलाज प्रभावित हो सकता है। सरकारी अस्पतालों की लैब भी एक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं।
ब्लड टेस्ट से पहले कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है। बच्चों को पहले से बता देना चाहिए कि उनका टेस्ट होने वाला है, ताकि वे मानसिक रूप से तैयार रहें। जिन टेस्ट के लिए खाली पेट रहना जरूरी होता है, उनका पालन करना चाहिए। इसके अलावा पर्याप्त नींद और संतुलित खानपान भी सही रिपोर्ट के लिए जरूरी है।
कुल मिलाकर, बच्चों की सेहत को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। समय पर जांच, सही खानपान और नियमित देखभाल से बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाया जा सकता है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

