पैरों में लगातार दर्द आर्थराइटिस, डायबिटीज या विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है—जानें एक्सपर्ट की सलाह।
आजकल कई लोग पैरों में लगातार दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं। अक्सर इसे थकान या ज्यादा चलने-फिरने का असर समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत खतरनाक हो सकती है। लगातार बना रहने वाला पैरों का दर्द शरीर में किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसे समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
एम्स दिल्ली के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में प्रोफेसर डॉ. भावुक गर्ग के अनुसार, पैरों में लगातार दर्द कई कारणों से हो सकता है। इसमें शरीर में खून के प्रवाह में कमी, नसों से जुड़ी समस्याएं या मांसपेशियों की कमजोरी प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा यह दर्द आर्थराइटिस, वैरिकोज वेन्स, डायबिटीज और कैल्शियम या विटामिन D की कमी जैसी समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।
🦵 पैरों में दर्द के लक्षण
पैरों में दर्द के साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे भारीपन, सूजन, जलन, झनझनाहट, कमजोरी या चलने में कठिनाई। कुछ लोगों को रात के समय दर्द ज्यादा महसूस होता है, जिससे नींद भी प्रभावित होती है। अगर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी या पैरों में जकड़न महसूस हो, तो यह भी एक संकेत हो सकता है कि समस्या गंभीर है।
⚠️ किन लोगों को ज्यादा खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, जो लोग लंबे समय तक खड़े रहकर काम करते हैं या लगातार बैठे रहते हैं, उनमें पैरों के दर्द की समस्या अधिक देखी जाती है। बढ़ती उम्र, मोटापा, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या को बढ़ाती है। जिन लोगों के शरीर में पोषण की कमी होती है, उन्हें भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
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🛡️ कैसे करें बचाव?
पैरों के दर्द से बचाव के लिए रोजाना हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहने से बचें और बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। संतुलित आहार लें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन्स की पर्याप्त मात्रा हो। सही और आरामदायक जूते पहनना भी जरूरी है। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखना भी फायदेमंद होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पैरों में दर्द लगातार बना रहता है, सूजन या सुन्नपन के साथ बढ़ता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

