E20 पेट्रोल विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति पर सवाल उठाए। जानें E20 पेट्रोल, माइलेज और सरकार के जवाब से जुड़ी पूरी खबर।
E20 पेट्रोल विवाद: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बहस लगातार तेज होती जा रही है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को गन्ने से एथेनॉल उत्पादन और E20 पेट्रोल की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में बढ़ने से चीनी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने केंद्र की नीति पर सवाल उठाते हुए सरकार को तीखे शब्दों में निशाना बनाया।
केजरीवाल ने एथेनॉल नीति पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से गन्ने से एथेनॉल का उत्पादन बढ़ाया गया। उनके मुताबिक इसका असर चीनी की उपलब्धता पर पड़ रहा है और अब चीनी का आयात करने की स्थिति बन रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार की नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि फैसलों के संभावित प्रभावों का ठीक से आकलन नहीं किया जा रहा है।
केजरीवाल लंबे समय से E20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी भी इस विषय को लेकर अभियान चला रही है।
E20 के खिलाफ आवाज दबाने का लगाया आरोप
केजरीवाल ने एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि E20 नीति पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया सामग्री को हटाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि जो लोग E20 के खिलाफ अपनी राय रखते हैं, उनके सोशल मीडिया पेज और वीडियो हटाए जा रहे हैं तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।
केजरीवाल ने E20 नीति को लेकर लोगों की चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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AAP ने पेट्रोल के विकल्प की मांग की
आम आदमी पार्टी ने E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ईंधन की गुणवत्ता और अलग-अलग वाहनों पर E20 के प्रभाव से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
AAP ने यह भी मांग की है कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप पर अपनी जरूरत के मुताबिक ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। पार्टी के मुताबिक पारंपरिक पेट्रोल उपलब्ध कराने का विकल्प भी लोगों के पास होना चाहिए।
सरकार ने E20 पर क्या कहा?
वहीं, केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर उठाई जा रही कुछ चिंताओं पर अलग रुख रखा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक वाहन के माइलेज में होने वाले बदलाव के लिए केवल E20 ईंधन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मंत्रालय ने बताया कि वाहन की ईंधन दक्षता कई चीजों पर निर्भर करती है। इनमें ड्राइविंग का तरीका, ट्रैफिक की स्थिति, वाहन का रखरखाव, टायरों में हवा का दबाव और एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल शामिल हैं।
सरकार के अनुसार E20 का व्यापक परीक्षण और सत्यापन किया गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक परिस्थितियों में वाहन का माइलेज कई अलग-अलग कारकों के संयुक्त प्रभाव से तय होता है।
E20 को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। जहां AAP E20 की गुणवत्ता, माइलेज और वाहन अनुकूलता को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार इसके व्यापक परीक्षण और अन्य कारकों का हवाला दे रही है। ऐसे में E20 नीति का उपभोक्ताओं, किसानों, चीनी उद्योग और ईंधन बाजार पर असर राजनीतिक बहस का अहम मुद्दा बना हुआ है।

