आंध्र प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री अल्ला नानी का 57 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। जानें उनका राजनीतिक सफर और अहम जिम्मेदारियां।
आंध्र प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अल्ला काली कृष्ण श्रीनिवास, जिन्हें राजनीतिक गलियारों में अल्ला नानी के नाम से जाना जाता था, का निधन हो गया। मंगलवार को विशाखापत्तनम में उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
अल्ला नानी 57 वर्ष के थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) दोनों के साथ काम किया। बाद में वह तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए थे।
जगन मोहन रेड्डी सरकार में संभाली बड़ी जिम्मेदारी
अल्ला नानी आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में सरकार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली।
स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सरकार के एजेंडे में रहे। वह एलुरु क्षेत्र की राजनीति में भी सक्रिय और प्रमुख चेहरा माने जाते थे।
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कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
अल्ला नानी का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वह एलुरु से कांग्रेस विधायक चुने गए और इसके बाद उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का रुख किया।
वाईएसआरसीपी में रहते हुए उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का पद मिलने के बाद उनका राजनीतिक कद और बढ़ा।
निधन से कुछ महीने पहले TDP में हुए थे शामिल
अल्ला नानी ने अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम चरण में पार्टी बदली थी। निधन से कुछ महीने पहले उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सदस्यता ग्रहण की थी।
इस तरह उनके राजनीतिक करियर में कांग्रेस और वाईएसआरसीपी के बाद टीडीपी का भी अध्याय जुड़ा। हालांकि, टीडीपी में शामिल होने के कुछ ही महीनों बाद उनके निधन की खबर सामने आई।
57 साल की उम्र में निधन से राजनीतिक जगत में शोक
अल्ला नानी के निधन की खबर सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है। महज 57 वर्ष की आयु में उनके निधन से उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में दुख का माहौल है।
अल्ला नानी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में अलग-अलग दलों के साथ काम करते हुए राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन के साथ आंध्र प्रदेश की राजनीति में उनके सक्रिय सफर का अंत हो गया।

