जालंधर में 15 सितंबर 2026 को संवत्सरी महापर्व के चलते मीट-मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। होटल, ढाबे और अहातों में नॉन-वेज परोसने पर भी पाबंदी के आदेश जारी।
जालंधर के लोगों के लिए जरूरी खबर है। संवत्सरी महापर्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने 15 सितंबर 2026 को जिले में मीट और मछली की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। प्रशासन के आदेश के मुताबिक मंगलवार को मीट-मछली की दुकानें और बूचड़खाने बंद रहेंगे।
इस संबंध में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है।
15 सितंबर को मीट-मछली की बिक्री पर रोक
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार 15 सितंबर को जालंधर जिले में मीट और मछली बेचने वाली सभी दुकानों को बंद रखना होगा। इसके साथ ही बूचड़खानों के संचालन पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश संवत्सरी महापर्व के मद्देनजर लागू किया गया है और संबंधित कारोबारियों को इसका पालन करना अनिवार्य होगा।
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होटल और ढाबों में भी नॉन-वेज परोसने पर रोक
सिर्फ मीट और मछली की दुकानों तक ही यह आदेश सीमित नहीं है। प्रशासन ने होटल, ढाबे और अहातों में भी मांसाहारी भोजन परोसने पर प्रतिबंध लगाया है। यानी 15 सितंबर को इन प्रतिष्ठानों में मीट, मछली या किसी अन्य प्रकार का नॉन-वेज भोजन ग्राहकों को नहीं परोसा जा सकेगा।
प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित दुकानदारों, होटल संचालकों, ढाबा मालिकों और अन्य प्रतिष्ठानों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के मुताबिक, संवत्सरी महापर्व के दौरान धार्मिक भावनाओं और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कब लागू रहेगा आदेश?
यह प्रतिबंध 15 सितंबर 2026, मंगलवार को जालंधर जिले में लागू रहेगा। इस दौरान मीट-मछली की बिक्री, बूचड़खानों के संचालन और होटल-ढाबों में नॉन-वेज भोजन परोसने पर रोक रहेगी।

