राजपाल यादव को चेक बाउंस के 7 मामलों में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने बुधवार तक 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी। जानें पूरा मामला।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अदालत ने यह राहत एक महत्वपूर्ण शर्त के साथ दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अभिनेता को बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। रकम जमा करने पर उन्हें सरेंडर करने से अस्थायी राहत मिल सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दी अंतरिम राहत
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर 2026 की तारीख तय की है।
अदालत ने कहा कि यदि राजपाल यादव बुधवार तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा कर देते हैं, तो उन्हें फिलहाल सरेंडर करने से छूट मिल जाएगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सात मामलों में सुनाई थी सजा
यह पूरा मामला निर्माता और फाइनेंसर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े चेक बाउंस विवाद का है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सात अलग-अलग मामलों में राजपाल यादव को दोषी ठहराया था।
अदालत ने प्रत्येक मामले में उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हालांकि, सभी सात मामलों की सजा एक साथ चलाने का आदेश दिया गया था।
इसके अलावा राजपाल यादव को प्रत्येक शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। उनकी पत्नी राधा यादव को भी प्रत्येक शिकायतकर्ता को अलग से 5.51 लाख रुपये देने का आदेश दिया गया था।
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कैसे शुरू हुआ राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला?
राजपाल यादव का यह कानूनी विवाद काफी पुराना है। साल 2010 में उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
फिल्म साल 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। फिल्म के खराब प्रदर्शन के कारण अभिनेता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और कर्ज चुकाने में भी परेशानी आई।
समय के साथ ब्याज जुड़ने के कारण कर्ज की रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये बताई गई। बाद में कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।
राजपाल यादव पहले भी कर चुके हैं सरेंडर
इस मामले में राजपाल यादव को पहले भी जेल जाना पड़ा है। फरवरी 2026 में अभिनेता ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था।
अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें फिलहाल अस्थायी राहत मिली है। हालांकि, यह राहत 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर निर्भर है।
15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
राजपाल यादव के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को तय की है। फिलहाल अभिनेता के लिए सबसे अहम शर्त निर्धारित समय के भीतर 5 करोड़ रुपये जमा करना है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट मामले में आगे की सुनवाई करेगा और यह तय होगा कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को लेकर आगे क्या आदेश दिया जाता है।

