Deepa Jewellers IPO का आज आखिरी दिन है। जानें ₹14,868 के निवेश पर GMP ₹28 के हिसाब से कितना संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है।
Deepa Jewellers IPO: दीपा ज्वैलर्स का IPO आज यानी 3 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद होने वाला है। इश्यू के आखिरी दिन भी निवेशकों की नजर ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर बनी हुई है। बुधवार तक IPO पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका था, जबकि गुरुवार सुबह 9:30 बजे तक इसे कुल 3.61 गुना सब्सक्रिप्शन मिल गया था।
रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से IPO को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। वहीं, मौजूदा GMP अगर लिस्टिंग तक कायम रहता है, तो शेयर के इश्यू प्राइस से ऊपर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में जानते हैं कि ₹14,868 के निवेश पर संभावित लिस्टिंग गेन कितना हो सकता है।
₹14,868 लगाने पर कितना हो सकता है फायदा?
दीपा ज्वैलर्स IPO में रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 84 शेयर रखे गए हैं। IPO का अपर प्राइस बैंड ₹177 प्रति शेयर है। इस हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशक को ₹14,868 का निवेश करना होगा।
फिलहाल IPO का GMP ₹28 प्रति शेयर बताया जा रहा है। अगर लिस्टिंग तक यह प्रीमियम बरकरार रहता है, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹205 प्रति शेयर हो सकती है।
इस हिसाब से 84 शेयरों पर संभावित लिस्टिंग गेन करीब ₹2,352 बैठता है। यानी ₹14,868 के निवेश पर करीब 15.8% का संभावित रिटर्न मिल सकता है। हालांकि, यह सिर्फ मौजूदा GMP के आधार पर लगाया गया अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकती है।
GMP ₹28 का क्या है मतलब?
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP शेयर बाजार का आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता। यह अनऑफिशियल मार्केट में IPO शेयरों की मांग के आधार पर बनता है और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।
इसलिए ₹28 GMP का यह मतलब नहीं है कि दीपा ज्वैलर्स का शेयर निश्चित तौर पर ₹205 पर ही लिस्ट होगा। लिस्टिंग के समय बाजार का माहौल, IPO की मांग, निवेशकों का सेंटीमेंट और कंपनी के प्रति बाजार की धारणा वास्तविक लिस्टिंग कीमत को प्रभावित कर सकती है। इस वजह से ₹2,352 को संभावित लिस्टिंग गेन माना जाना चाहिए, न कि पक्के मुनाफे के तौर पर।
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Deepa Jewellers IPO को कितना सब्सक्रिप्शन मिला?
दीपा ज्वैलर्स IPO को निवेशकों की तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। 3 सितंबर को सुबह 9:30 बजे तक इश्यू कुल 3.61 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो रिटेल निवेशकों का हिस्सा 4.71 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी को 5.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 0.46 गुना रहा।
कुल मिलाकर IPO को 3.61 गुना बोली मिल चुकी थी।
Deepa Jewellers IPO की जरूरी डिटेल
दीपा ज्वैलर्स IPO के लिए प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹459.72 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 84 शेयर हैं और अपर प्राइस बैंड के हिसाब से न्यूनतम निवेश ₹14,868 है।
IPO का सब्सक्रिप्शन 1 सितंबर 2026 को शुरू हुआ था और 3 सितंबर को बंद हो रहा है। शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया 4 सितंबर को होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 7 सितंबर को ट्रांसफर किए जा सकते हैं, जबकि कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 8 सितंबर 2026 को हो सकती है।
IPO से मिलने वाले पैसे का क्या करेगी कंपनी?
दीपा ज्वैलर्स IPO से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कारोबार की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी।
कंपनी की योजना करीब ₹215 करोड़ लंबे समय की वर्किंग कैपिटल जरूरतों में लगाने की है। इस रकम का इस्तेमाल ज्वैलरी इन्वेंट्री खरीदने, स्टॉक बनाए रखने और कारोबार से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। इसके अलावा IPO से प्राप्त राशि के एक हिस्से का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
क्या करती है Deepa Jewellers कंपनी?
दीपा ज्वैलर्स लिमिटेड की स्थापना 2016 में हुई थी। कंपनी गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी के रिटेल और होलसेल कारोबार में सक्रिय है।
कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में रिंग, नेकलेस, ईयररिंग्स, चूड़ियां और कई तरह के अन्य आभूषण शामिल हैं। कंपनी पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक और कस्टमाइज्ड ज्वैलरी पर भी फोकस करती है।
FY26 में आय और मुनाफे में जोरदार बढ़ोतरी
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में दीपा ज्वैलर्स की कुल आय ₹1,927.73 करोड़ रही। FY25 में कंपनी की आय ₹1,400.10 करोड़ थी। यानी एक साल में कंपनी की आय में करीब 38% की वृद्धि हुई।
मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। FY26 में कंपनी का PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा ₹104.79 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹40.58 करोड़ था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में करीब 158% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, कंपनी का EBITDA भी FY25 के ₹56.01 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹146.34 करोड़ हो गया।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
दीपा ज्वैलर्स IPO का GMP फिलहाल सकारात्मक संकेत दे रहा है, लेकिन निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। GMP आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है और लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव संभव है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, कारोबार की संभावनाएं, IPO की मांग और शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति जैसे कई कारक लिस्टिंग और आगे के प्रदर्शन पर असर डाल सकते हैं।

