SCO Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाया। शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग की मौजूदगी में आतंक के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की बात कही।
SCO Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख दोहराया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और इसके खिलाफ किसी भी तरह के दोहरे रवैये से बचने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और उन्हें मिलने वाले सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।
आतंकवाद पर दोहरे मानदंड स्वीकार नहीं
SCO के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए और सभी देशों को एक समान नीति के साथ इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
पीएम मोदी के इस बयान को भारत की उस लंबे समय से चली आ रही नीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वह आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क और उसके वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई की मांग करता रहा है।
आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को केवल आतंकी हमलों तक सीमित समस्या नहीं बताया। उन्होंने इसके पीछे काम करने वाले पूरे इकोसिस्टम पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
उनके मुताबिक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले वित्तीय स्रोतों, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथी विचारधारा के प्रसार और सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई करना जरूरी है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और निर्णायक कदम उठाने की मांग करता रहा है।
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पाकिस्तान के सामने भारत का कड़ा संदेश
शहबाज शरीफ की मौजूदगी में आतंकवाद पर पीएम मोदी का बयान विशेष राजनीतिक महत्व रखता है। भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं।
भारत का आरोप रहा है कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। ऐसे में SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर पीएम मोदी की आतंकवाद संबंधी टिप्पणी को भारत के कूटनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
भारत ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ढांचे के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।
भारत की ओर से कहा गया था कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था। इस घटनाक्रम के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव और बढ़ गया था।
आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात करते हुए प्रधानमंत्री का ताजा बयान इसी व्यापक सुरक्षा नीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चीन के सामने भी संप्रभुता का मुद्दा उठाया
SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग की आवश्यकता पर भी बात की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी परियोजनाएं सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए आगे बढ़नी चाहिए।
इस बयान को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC से जोड़कर देखा जा रहा है। CPEC पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है और भारत लंबे समय से इस परियोजना का विरोध करता रहा है।
क्या है CPEC?
चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ने वाली एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना है।
इस परियोजना के तहत सड़क, ऊर्जा, रेलवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसकी कुल प्रस्तावित लंबाई करीब 3,000 किलोमीटर बताई जाती है।
भारत की आपत्ति मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि CPEC का एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। भारत इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा मुद्दा मानता है।
शी जिनपिंग और शहबाज शरीफ की मौजूदगी में दिया संदेश
SCO के मंच पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी ने पीएम मोदी के संबोधन को और महत्वपूर्ण बना दिया। आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और संप्रभुता के सम्मान का संदेश देकर भारत ने अपने सुरक्षा और कूटनीतिक हितों को स्पष्ट रूप से सामने रखा।
भारत लगातार यह रुख अपनाता रहा है कि क्षेत्रीय सहयोग तभी प्रभावी हो सकता है, जब सभी देश आतंकवाद के खिलाफ समान प्रतिबद्धता दिखाएं और एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करें।
SCO में भारत का फोकस
शंघाई सहयोग संगठन भारत के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और आर्थिक कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर अपनी स्थिति रखने का महत्वपूर्ण मंच है। भारत इस मंच पर आतंकवाद के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और संप्रभुता से जुड़े मुद्दे भी उठाता रहा है।
पीएम मोदी के ताजा संबोधन से एक बार फिर यह संकेत गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत और समान कार्रवाई की मांग जारी रखेगा।

