हरियाणा में हर गर्भवती महिला की ‘समृद्धि’ पोर्टल से निगरानी होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मातृ एवं नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए नई व्यवस्था का ऐलान किया।
हरियाणा सरकार ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए तकनीक आधारित स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश की हर गर्भवती महिला को ‘समृद्धि’ पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य गर्भावस्था से लेकर प्रसव और उसके बाद की अवधि तक महिलाओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखना है, ताकि किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान की जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
हर गर्भवती महिला को मिलेगी ‘समृद्धि’ आईडी
नई व्यवस्था के तहत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण अनिवार्य किए जाने की योजना है। पंजीकरण के बाद प्रत्येक महिला को एक अलग ‘समृद्धि’ आईडी दी जाएगी। इस आईडी के माध्यम से गर्भावस्था से संबंधित जरूरी स्वास्थ्य जानकारी को एक ही डिजिटल सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा।
सरकार की यह व्यवस्था केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी। निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने वाली गर्भवती महिलाओं को भी इस सिस्टम के दायरे में लाया जाएगा। इससे अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध महिला की मेडिकल जानकारी को बेहतर तरीके से ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
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कमांड सेंटर और हेल्पलाइन से जुड़ेगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि ‘समृद्धि’ पोर्टल को राज्य स्तरीय कमांड सेंटर और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्पलाइन के साथ जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी करना और जरूरत के समय उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षित नर्सें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह देंगी। साथ ही, बातचीत के दौरान किसी संभावित स्वास्थ्य जोखिम के संकेत मिलने पर महिला को उचित स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
जिला स्तर पर भी होगी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी
सरकार जिला स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग को भी मजबूत करेगी। इसके लिए समर्पित नर्सिंग स्टाफ की सहायता ली जाएगी, जो गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें मिल रही सेवाओं पर नजर रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गर्भवती महिलाओं से संबंधित आंकड़े एकत्र करना नहीं है। असली लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्भावस्था के दौरान किसी महिला को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उसे समय पर पहचान और उपचार मिल सके।
मातृ और नवजात मृत्यु दर घटाने पर फोकस
हरियाणा सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करना है। डिजिटल निगरानी और हेल्पलाइन के जरिए गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था, प्रसव और प्रसव के बाद की अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं से लगातार जोड़े रखने पर जोर दिया जाएगा।
‘समृद्धि’ पोर्टल, कमांड सेंटर और हेल्पलाइन को एक साथ जोड़ने से स्वास्थ्य विभाग को जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान करने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि तकनीक और जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर तालमेल से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

