मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज हैं। पियूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, हर्ष मल्होत्रा और नितिन गडकरी समेत कई नाम चर्चा में हैं। जानें पूरी खबर।
बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव के बाद मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। चुनावी समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठन में नई जिम्मेदारियों को देखते हुए कई मंत्रियों के विभाग बदलने या कुछ नेताओं को नई भूमिका देने की अटकलें हैं।
भारतीय जनता पार्टी में हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद अब केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और संगठन के बीच जिम्मेदारियों का नया संतुलन बनाया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक कैबिनेट में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उन्हें फिलहाल संभावित दावेदार या अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
संभावित फेरबदल में कुछ युवा नेताओं को केंद्र सरकार में जगह मिलने की चर्चा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के राजनीतिक समीकरण भी अहम हो सकते हैं।
मंत्रियों के कामकाज, संगठन में नई जिम्मेदारी, उम्र और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को भी फेरबदल के दौरान ध्यान में रखा जा सकता है।
पियूष गोयल को लेकर बढ़ी चर्चा
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल को बीजेपी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे में यदि पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत को प्राथमिकता दी जाती है, तो संगठन और सरकार की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है। हालांकि, गोयल को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी पर भी नजर
हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी की संगठनात्मक भूमिकाओं को देखते हुए भी संभावित फेरबदल में उनके नाम चर्चा में हैं। हर्ष मल्होत्रा केंद्र में राज्य मंत्री हैं, जबकि पंकज चौधरी वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यदि संगठनात्मक और सरकारी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का फैसला होता है, तो इनके विभागों या भूमिकाओं में बदलाव संभव माना जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी की भूमिका पर भी अटकलें
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी संभावित बदलाव की चर्चा है। उनके राज्यसभा कार्यकाल और आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, फिलहाल उनके कैबिनेट से बाहर होने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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क्या नितिन गडकरी का मंत्रालय बदलेगा?
संभावित कैबिनेट फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा नितिन गडकरी को लेकर भी हो रही है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर जारी बहस के बीच सोशल मीडिया पर उनके मंत्रालय को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि, गडकरी का मंत्रालय बदले जाने या उन्हें कैबिनेट से हटाए जाने की खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का एक वर्ग मानता है कि उनके विभाग में बदलाव करना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश हो सकता है।
श्रीकांत शिंदे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
महाराष्ट्र से श्रीकांत शिंदे का नाम भी संभावित नए चेहरों के तौर पर चर्चा में है। वह शिवसेना के सांसद और एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। अगर उन्हें केंद्र में मंत्री पद मिलता है, तो इसे बीजेपी और शिवसेना के बीच राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, उनके नाम पर भी अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
कैबिनेट फेरबदल में क्या हो सकता है बदलाव?
संभावित फेरबदल में सरकार कई पहलुओं पर विचार कर सकती है। इनमें क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, चुनावी रणनीति, मंत्रियों का प्रदर्शन, संगठनात्मक जिम्मेदारियां और मंत्रालयों का कार्यभार प्रमुख हो सकते हैं।
फिलहाल कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व के फैसले के बाद ही साफ होगी।

