भारत-यूके व्यापार समझौते से हरियाणा के उद्योग, MSME, किसान और निर्यातकों को यूके बाजार में विस्तार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार राज्य के कारोबार और निर्यात को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है।
हरियाणा के उत्पादों को मिलेगा यूके के बाजार में विस्तार का मौका
भारत-यूके व्यापार समझौते से हरियाणा में निर्मित उत्पादों को ब्रिटेन के बड़े बाजार तक अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना है। इससे राज्य के निर्यातकों को नए खरीदारों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।
हरियाणा की मजबूत औद्योगिक और कृषि अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह समझौता राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर को फायदा
हरियाणा देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग केंद्रों में शामिल है। राज्य में बड़ी संख्या में विनिर्माण इकाइयां और एमएसएमई काम कर रही हैं।
भारत-यूके व्यापार समझौते के बाद इन क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वैश्विक कंपनियों के साथ कारोबार बढ़ने से हरियाणा की औद्योगिक इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने के नए अवसर मिल सकते हैं।
किसानों और कृषि उत्पादों के लिए भी संभावनाएं
हरियाणा की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका है। समझौते से कृषि और इससे जुड़े उत्पादों के निर्यात के लिए भी नए बाजार उपलब्ध होने की संभावना है।
बेहतर अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच से किसानों और कृषि आधारित कारोबार से जुड़े उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए नए खरीदार तलाशने में मदद मिल सकती है।
भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों तथा सेवा क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के नए अवसर लेकर आया है।
इस समझौते के लागू होने से हरियाणा जैसे मजबूत विनिर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग,…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 19, 2026
टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा का टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र भी इस व्यापारिक साझेदारी से लाभ उठा सकता है। वैश्विक बाजार में मांग बढ़ने से राज्य की कंपनियों के लिए कारोबार का विस्तार और नई साझेदारियां विकसित करने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इसके अलावा सेवा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को भी यूके के बाजार से जुड़ने और अपनी सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने का अवसर मिल सकता है।
वैश्विक मूल्य शृंखला से जुड़ने की राह आसान
भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते को हरियाणा के निर्यातकों के लिए वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जुड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे राज्य की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों में पहचान बनाने में मदद मिल सकती है।
हरियाणा सरकार का फोकस राज्य के उद्योग, कृषि, एमएसएमई और सेवा क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़कर निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है।

