कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला के सरपंचों संग पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर उज्ज नदी पर बांध बनाने और बाढ़ से स्थायी राहत की मांग उठाई।
आम आदमी पार्टी के अजनाला से विधायक और पंजाब AAP के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला विधानसभा क्षेत्र के सरपंचों और सीमा क्षेत्र के लोगों के साथ पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर से आने वाली उज्ज नदी के पानी के कारण पंजाब में बार-बार आने वाली बाढ़ का स्थायी समाधान करने के लिए नदी पर जल्द बांध बनाने की मांग उठाई।
धालीवाल ने राज्यपाल को बताया कि हर साल बाढ़ के कारण पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में किसानों और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से लोगों की जान-माल, फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचता है और इसका असर कई पीढ़ियों से सीमा क्षेत्र के विकास पर भी पड़ा है।
उज्ज नदी पर बांध बनाने की मांग
कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यपाल से अपील की कि वह इस महत्वपूर्ण मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएं और उज्ज नदी पर बांध के निर्माण की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि उज्ज नदी पर स्थायी जल संरचना बनने से पंजाब के बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों को राहत मिल सकती है। साथ ही, नदी के पानी का बेहतर प्रबंधन होने से क्षेत्र में सिंचाई और विकास की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
इससे पहले भी धालीवाल उज्ज नदी में बाढ़ के खतरे और बांध निर्माण की मांग को लेकर आवाज उठा चुके हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में उज्ज नदी बैराज का दौरा कर जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया था। उस दौरान भी उन्होंने उज्ज नदी पर रणजीत सागर बांध की तर्ज पर बांध बनाने की मांग की थी।
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राज्यपाल ने दिया सकारात्मक आश्वासन
धालीवाल के अनुसार, पंजाब के राज्यपाल ने इस मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और आश्वासन दिया कि वह केंद्र सरकार के समक्ष पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों की बाढ़ संबंधी समस्या को उठाएंगे।
AAP विधायक ने कहा कि इस विषय को लेकर जल्द ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी, ताकि उज्ज नदी पर बांध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सके।
“सीमा क्षेत्रों की अनदेखी से विकसित भारत का सपना पूरा नहीं होगा”
कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों को नजरअंदाज करके देश के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि आखिर सीमा पर रहने वाले और लगातार बाढ़ की मार झेल रहे पंजाब के लोगों की समस्याओं पर केंद्र कब गंभीरता से ध्यान देगा।
उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र के किसान देश की सुरक्षा और खाद्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसलिए बाढ़ से स्थायी सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक योजना जरूरी है।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਹੱਦੀ ਇਲਾਕਿਆਂ ਨੂੰ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕਰ ਕੇ ਵਿਕਸਿਤ ਭਾਰਤ ਨਹੀਂ ਬਣੇਗਾ ਮੋਦੀ ਜੀ!
ਸਰਹੱਦੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਸਮੇਤ ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਮਾਣਯੋਗ ਰਾਜਪਾਲ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ਼ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਇਆ ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਹੜ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਾਰ ਕਾਰਨ ਪੀੜ੍ਹੀ-ਦਰ-ਪੀੜ੍ਹੀ ਅਸੀਂ ਤਰੱਕੀ ਤੋਂ ਵਾਂਝੇ ਰਹਿੰਦੇ ਆ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਇਸ ਕਰ ਕੇ ਉੱਜ ਦਰਿਆ… pic.twitter.com/qLCZdfJcXp
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 18, 2026
₹1,600 करोड़ के बाढ़ राहत पैकेज का मुद्दा भी उठाया
बैठक के दौरान धालीवाल ने पिछले साल बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए केंद्र द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ की वित्तीय सहायता का मुद्दा भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद ₹1,600 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की घोषणा की थी।
धालीवाल ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए घोषित सहायता राशि जारी करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से ठोस सहयोग मिलना चाहिए।
अजनाला के सरपंचों और किसानों ने रखी अपनी बात
राज्यपाल से हुई मुलाकात में अजनाला विधानसभा क्षेत्र के सरपंचों के साथ-साथ सीमा क्षेत्र के किसान और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ से होने वाले नुकसान, खेती से जुड़ी परेशानियों और सीमावर्ती गांवों के विकास में आ रही चुनौतियों से राज्यपाल को अवगत कराया।
धालीवाल ने कहा कि उज्ज नदी पर बांध का निर्माण केवल बाढ़ नियंत्रण का उपाय नहीं होगा, बल्कि इससे पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास का नया रास्ता भी खुल सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।

