पंजाब में सरकारी स्कूलों के कायाकल्प पर हरजोत सिंह बैंस ने उपलब्धियां गिनाईं। 9,000 नए क्लासरूम, डिजिटल सुविधाओं और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का फोकस।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार की शिक्षा सुधार योजनाओं और सरकारी स्कूलों में किए गए विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया।
बैंस ने कहा कि सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में सिर्फ भवन निर्माण पर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया है। पंजाब सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी हरजोत सिंह बैंस को शिक्षा मंत्री के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को किया मजबूत
हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहले कई जगहों पर बाउंड्री वॉल, शौचालय, पीने का पानी और बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। सरकार ने इन कमियों को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है।
सरकार के मुताबिक, 99.99 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बाहरी चारदीवारी का काम सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए लड़कों और लड़कियों के अलग एवं स्वच्छ शौचालय, पीने के पानी और स्थायी डेस्क की व्यवस्था पर भी काम किया गया है। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए स्कूलों में अलग शौचालय उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
9,000 से ज्यादा नए क्लासरूम और अन्य सुविधाएं
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में करीब 9,000 नए क्लासरूम, लैब, स्टाफ रूम और मल्टीपर्पज हॉल तैयार किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के करीब 16,000 स्कूलों में विकास कार्यों के लिए लगभग ₹2,300 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, शहरीकरण के कारण कुछ स्कूलों में निर्माण कार्य के लिए जगह और अन्य व्यावहारिक चुनौतियां हैं। सरकार ऐसे स्कूलों के लिए वैकल्पिक समाधान तलाश रही है।
also read: पंजाब जल आपूर्ति विभाग में 52 नए कर्मचारियों की नियुक्ति, मंत्री मुंडियन ने…
डिजिटल शिक्षा पर सरकार का फोकस
पंजाब के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार ने हजारों स्कूलों में इंटरैक्टिव पैनल और आधुनिक कंप्यूटर लैब उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया है।
फरवरी 2026 में बैंस ने ₹400 करोड़ के डिजिटलाइजेशन प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया था कि 5,012 सरकारी स्कूलों में 38,649 नए डेस्कटॉप कंप्यूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना और पुराने कंप्यूटर सिस्टम को आधुनिक तकनीक से बदलना है।
पहली बार सरकारी स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब
बैंस ने बताया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में वाई-फाई सुविधाओं को मजबूत किया गया है।
खेल प्रशिक्षण के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में पहली बार बस सुविधा शुरू करने और शिक्षकों को इसके लिए प्रशिक्षण देने की बात भी मंत्री ने कही।
स्कूलों में सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर जोर
सरकारी स्कूलों के प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में गजटेड अधिकारियों को कैंपस मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई है।
500 से अधिक विद्यार्थियों की क्षमता वाले सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में दो सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। वहीं, 100 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में सफाई व्यवस्था के लिए ₹3,000 से ₹50,000 प्रति माह तक की राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले किताबें उपलब्ध कराने पर भी सरकार लगातार काम कर रही है।
पंजाब में स्कूल शिक्षा में AI की शुरुआत
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा में Artificial Intelligence (AI) को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। राज्य सरकार ने AI को स्कूल पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की पहल की है। जुलाई 2026 में बैंस ने कहा था कि पंजाब के PSEB से संबद्ध सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक AI को मुख्य विषय के रूप में पढ़ाने की पहल की गई है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना और उन्हें बदलती दुनिया के अनुरूप नई क्षमताएं प्रदान करना है।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਸੁਧਾਰ ਰਹੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦਾ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚਾ !!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @harjotbains ਨੇ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਅਹਿਮ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉🏻 PGI Index 2.0 (2024-25) ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਪਹਿਲਾ ਰੈਂਕ
👉🏻 ਕਲਾਸਰੂਮ ਲਰਨਿੰਗ ਆਊਟਕਮ ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਦੇਸ਼ ‘ਚੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ
👉🏻 ਪਰਖ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਰਵੇਖਣ ‘ਚ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ
👉🏻 3.64 ਲੱਖ ਬੱਚਿਆਂ… pic.twitter.com/XiFGkZ1PWN— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 18, 2026
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का दावा
शिक्षा मंत्री के अनुसार, पंजाब ने PGI Index 2.0 2024-25 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य ने कक्षा शिक्षण के सीखने के परिणामों और नेशनल असेसमेंट सर्वे में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
सरकार के अनुसार, पिछले वर्षों में 3.64 लाख विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से नामांकन हटाकर सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया। इसके अलावा पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल की है।
हाल के परिणामों में भी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन चर्चा में रहा है। जुलाई 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों के NEET-UG 2026 में सफल होने की जानकारी सामने आई थी।
40 स्किल एजुकेशन स्कूलों में चल रही पढ़ाई
बैंस ने बताया कि पंजाब में 40 स्किल एजुकेशन स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक और व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है।
बाढ़ से प्रभावित स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम भी लगातार जारी है। सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित शैक्षणिक संस्थानों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
शिक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका कहना है कि स्कूलों का कायाकल्प केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ शिक्षण गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं, खेल, सुरक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इन प्रयासों का लक्ष्य पंजाब के सरकारी स्कूलों को ऐसा आधुनिक शिक्षा केंद्र बनाना है, जहां हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरी सुविधाएं समान रूप से उपलब्ध हो सकें।

