मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारों का लाभांश 90 से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किया। जानें ई-पॉस फीडबैक सिस्टम और अन्नपूर्णा भवन की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश के राशन दुकानदारों यानी उचित दर विक्रेताओं के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की। इसी दौरान प्रदेश के 78 हजार से अधिक कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी की भी घोषणा की गई।
सरकार के मुताबिक, कोटेदारों का लाभांश 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। यानी प्रति कुंतल 35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 10 रुपये और राज्य सरकार की तरफ से 25 रुपये की वृद्धि शामिल है।
कोटेदारों का लाभांश बढ़कर हुआ 125 रुपये प्रति कुंतल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन में 35 रुपये की वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कोटेदारों के लाभांश में एक बार फिर 25 रुपये की बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में कोटेदारों को और आर्थिक लाभ मिल सकता है।
ई-पॉस मशीन से होगी फीडबैक की निगरानी
कार्यक्रम में ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली को लॉन्च किया गया। इस व्यवस्था के जरिए राशन की दुकानों से जुड़े लाभार्थियों के फीडबैक को डिजिटल तरीके से दर्ज और मॉनिटर किया जा सकेगा।
सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और उचित दर दुकानों की कार्यप्रणाली की बेहतर निगरानी करना है।
सीएम योगी बोले- पहले गलती किसी की होती थी, बदनामी कोटेदारों की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले सरकारी स्तर पर राशन की व्यवस्था में कमी होने का खामियाजा कोटेदारों को भुगतना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि राशन समय पर नहीं पहुंचने या अन्य समस्याओं के कारण जनता को कोटेदारों से शिकायत होती थी। जबकि कई बार गलती उनकी नहीं होती थी। योगी ने कहा कि पहले कोटेदार शब्द सुनकर लोगों के मन में नकारात्मक धारणा बन गई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तकनीक और नई व्यवस्थाओं के जरिए अब राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है।
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2017 के बाद राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उचित दर दुकानों पर ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया गया। इसके साथ ही सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था लागू की गई।
इस व्यवस्था के तहत एफसीआई के गोदाम से राशन को सीधे उचित दर की दुकान तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, ताकि बीच के स्तरों को कम किया जा सके।
यूपी में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निराश्रित और दिव्यांग लोगों तक राशन पहुंचाने के लिए घर तक डिलीवरी की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने मुफ्त गैस और बिजली कनेक्शन से जुड़ी सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
राशन की दुकानें बनेंगी अन्नपूर्णा भवन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में उचित दर दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन भवनों में दुकान के साथ राशन रखने के लिए गोदाम की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार के अनुसार, इस काम के लिए इस साल 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अब 39 तरह के सामान बेच सकेंगे कोटेदार
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोटेदारों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें राशन के अलावा अन्य सामान बेचने की भी अनुमति दी गई है।
नियमों के तहत उचित दर विक्रेता अपनी दुकानों से 39 प्रकार के सामान बेच सकते हैं। हालांकि, नशीले, ज्वलनशील या कानून और समाज के प्रतिकूल वस्तुओं की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। इस कदम का उद्देश्य कोटेदारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
कोरोना काल में कोटेदारों के काम की तारीफ
मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना महामारी के दौरान राशन वितरण में कोटेदारों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब महामारी के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित थीं, तब भी उचित दर विक्रेताओं ने जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने का काम जारी रखा। उस दौरान दाल, नमक और तेल जैसी जरूरी वस्तुओं के वितरण की व्यवस्था भी की गई थी।
राशन से जुड़ी शिकायतों में कमी का दावा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जनता दर्शन में राशन से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें आती थीं। उनके अनुसार, खाद्य एवं रसद विभाग में सुधार और तकनीक के इस्तेमाल के बाद ऐसी शिकायतों में काफी कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने कोटेदारों से अपील की कि वे अपने काम के जरिए सम्मान हासिल करें और राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखें।

