UPI Transaction: UPI और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल से ATM की जरूरत घट रही है। RBI के आंकड़ों में UPI QR बढ़े, जबकि ATM और कैश निकासी में गिरावट आई।
UPI Transaction: भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। UPI, QR कोड और ऑनलाइन कार्ड पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों की नकदी पर निर्भरता कम कर दी है। इसका असर ATM और माइक्रो ATM के इस्तेमाल पर भी दिखाई दे रहा है।
UPI QR कोड की संख्या में बड़ा इजाफा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 के अंत तक देश में UPI QR कोड की संख्या सालाना आधार पर 16.9 फीसदी बढ़कर 79.26 करोड़ हो गई। इसके उलट माइक्रो ATM की संख्या 8.4 फीसदी घटकर करीब 13.4 लाख रह गई।
ऑफ-साइट ATM की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है। जून 2026 के अंत तक इनकी संख्या करीब 73,426 रही।
ATM से कैश निकालने में आई कमी
UPI और दूसरे डिजिटल पेमेंट विकल्पों के बढ़ते इस्तेमाल का सीधा असर कैश निकासी पर पड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में ATM के जरिए नकद निकासी वाले ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 11 फीसदी घट गई।
यानी रोजमर्रा के भुगतान के लिए लोग अब ATM से कैश निकालने के बजाय सीधे मोबाइल से UPI पेमेंट करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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कैशलेस पेमेंट में तेजी
देश में सिर्फ UPI ही नहीं, बल्कि कुल कैशलेस पेमेंट का इस्तेमाल भी बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कैशलेस पेमेंट की कुल वैल्यू करीब 22 फीसदी बढ़ी और यह GDP के लगभग 35 फीसदी के बराबर पहुंच गई। यह बदलाव बताता है कि भारत में पेमेंट सिस्टम तेजी से डिजिटल और मोबाइल आधारित हो रहा है।
ऑनलाइन शॉपिंग में क्रेडिट कार्ड का बढ़ा इस्तेमाल
कार्ड पेमेंट के तरीके में भी बदलाव देखने को मिला है। क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी के ट्रांजैक्शन में सालाना 30.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
अब क्रेडिट कार्ड से होने वाले कुल खर्च में ऑनलाइन खरीदारी की हिस्सेदारी करीब 63 फीसदी हो गई है। दूसरी ओर, दुकानों पर डेबिट कार्ड से होने वाले भुगतान में 12.3 फीसदी और ATM से डेबिट कार्ड के जरिए कैश निकालने में 8.6 फीसदी की गिरावट आई।
बैंक भी बदल रहे ATM नेटवर्क
डिजिटल पेमेंट बढ़ने के साथ बैंक अपने ATM नेटवर्क को भी ग्राहकों की जरूरत के अनुसार बदल रहे हैं। बैंक शाखाओं के अंदर लगे ATM और कैश रिसाइकलर की संख्या करीब 3.9 फीसदी बढ़कर 1.36 लाख हो गई।
इसके विपरीत, बैंक शाखाओं के बाहर मौजूद ATM की संख्या में 6.8 फीसदी की कमी आई है। इससे संकेत मिलता है कि बैंक भी पारंपरिक कैश निकासी की तुलना में डिजिटल और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
मोबाइल पेमेंट की ओर बढ़ रहा भारत
UPI और QR कोड ने छोटे से लेकर बड़े भुगतान तक को आसान बना दिया है। अब दुकानों, रेस्टोरेंट, कैब, ऑनलाइन शॉपिंग और कई अन्य जगहों पर कुछ सेकंड में भुगतान किया जा सकता है।
ATM से कैश निकालने की जरूरत कम होना इसी बदलाव का संकेत है। भारत में पेमेंट का तरीका धीरे-धीरे नकद से मोबाइल और इंटरनेट आधारित डिजिटल सिस्टम की ओर बढ़ रहा है। RBI भी UPI और डिजिटल भुगतान से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार विकसित कर रहा है।

