Ration Price Hike: 2026 में राशन की कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। जानें दाल, तेल, चीनी, दूध और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कितना बदलाव आया।
Ration Price Hike: साल 2026 में महंगाई का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ महीनों में रोजमर्रा की जरूरतों वाली कई खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। दाल, तेल, चीनी, दूध और अन्य राशन की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ता मामले विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 से अगस्त 2026 के बीच कई जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, खाने-पीने की 36 प्रमुख वस्तुओं में से लगभग 35 उत्पादों के दाम बढ़े हैं।
दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी
पिछले कुछ महीनों में दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दालों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कमजोर मानसून और उत्पादन में कमी जैसे कारण जिम्मेदार हैं।
खरीफ सीजन में दालों की पैदावार प्रभावित होने से घरेलू आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसके कारण आयात की जरूरत बढ़ी और कीमतों में तेजी आई।
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प्रमुख राशन वस्तुओं के बढ़े दाम
फरवरी 2026 से अगस्त 2026 के बीच कई जरूरी चीजों के भाव इस प्रकार बढ़े हैं:
- चना दाल: 82.01 रुपये से बढ़कर 86.66 रुपये प्रति किलो
- अरहर दाल: 117.50 रुपये से बढ़कर 123.46 रुपये प्रति किलो
- उड़द दाल: 115.80 रुपये से बढ़कर 121.51 रुपये प्रति किलो
- मूंग दाल: 107.41 रुपये से बढ़कर 111.96 रुपये प्रति किलो
- मसूर दाल: 86.88 रुपये से बढ़कर 90.63 रुपये प्रति किलो
वहीं खाद्य तेलों में भी तेजी देखने को मिली है:
- सरसों तेल: 188.88 रुपये से बढ़कर 196.44 रुपये प्रति किलो
- सोया तेल: 157.12 रुपये से बढ़कर 164.19 रुपये प्रति किलो
- सूरजमुखी तेल: 181.26 रुपये से बढ़कर 189.42 रुपये प्रति किलो
- पाम तेल: 142.10 रुपये से बढ़कर 148.50 रुपये प्रति किलो
इसके अलावा चीनी, नमक, दूध, चावल और आटे की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
त्योहारों के मौसम में और बढ़ सकती है महंगाई
अगस्त से देश में त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। सावन के बाद रक्षाबंधन, तीज, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं।
त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी रहती है तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
आम आदमी के बजट पर बढ़ा दबाव
राशन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ रहा है। खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को अपने घरेलू बजट में बदलाव करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन, मौसम और वैश्विक बाजार की स्थिति आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई की दिशा तय करेगी।

