Polymer Currency: RBI गवर्नर ने बताया कि भारत में प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट साल 2028 तक जारी हो सकते हैं। जानें प्लास्टिक करेंसी की खासियत और पुराने नोटों का क्या होगा।
Polymer Currency: देश में प्लास्टिक यानी पॉलिमर करेंसी को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ कर दिया है कि देश में प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारी चल रही है और इन्हें जल्द ही आम लोगों के इस्तेमाल के लिए जारी किया जाएगा।
RBI गवर्नर ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के दौरान पॉलिमर करेंसी को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के नोट साल 2028 तक बाजार में आने की संभावना है।
2028 में जारी हो सकते हैं प्लास्टिक के नोट
RBI गवर्नर के मुताबिक, केंद्रीय बैंक पॉलिमर करेंसी को लेकर तैयारियां कर रहा है। आने वाले समय में इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा और उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों में लोगों को प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल RBI इस नई करेंसी को लागू करने से पहले इसके हर पहलू का अध्ययन कर रहा है, ताकि सुरक्षा और उपयोगिता दोनों को बेहतर बनाया जा सके।
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क्या पुराने कागज के नोट बंद हो जाएंगे?
प्लास्टिक के नोट आने की खबर के बाद लोगों के मन में सवाल है कि मौजूदा कागज के नोटों का क्या होगा। इस पर स्पष्ट किया गया है कि पुराने नोटों को तुरंत बंद नहीं किया जाएगा।
शुरुआत में पॉलिमर और कागज दोनों तरह के नोट बाजार में चलन में रहेंगे। लोगों को सामान्य रूप से दोनों करेंसी का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी।
क्या होते हैं प्लास्टिक के नोट?
पॉलिमर नोट खास प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं, जो सामान्य कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं।
इन नोटों की कुछ प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:
- ये कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं।
- पानी या नमी से इन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता।
- इनके जल्दी फटने की संभावना कम होती है।
- इनकी सुरक्षा विशेषताएं नकली नोट बनाने वालों के लिए चुनौती बढ़ा सकती हैं।
- इनकी उम्र सामान्य नोटों से ज्यादा हो सकती है।
कई देशों में पहले से इस्तेमाल हो रही है पॉलिमर करेंसी
दुनिया के कई देशों में पॉलिमर नोटों का इस्तेमाल पहले से किया जा रहा है। इन देशों ने इन्हें बेहतर टिकाऊपन और सुरक्षा के कारण अपनाया है।
भारत में भी पॉलिमर करेंसी लाने का उद्देश्य नोटों की गुणवत्ता बढ़ाना, सुरक्षा को मजबूत करना और लंबे समय तक चलने वाली मुद्रा उपलब्ध कराना है।

