चातुर्मास 2026: 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा। जानें भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने का महत्व, मांगलिक कार्यों पर रोक और जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट।
चातुर्मास 2026: सनातन धर्म में आषाढ़ महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना भगवान की भक्ति, साधना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में आषाढ़ मास की शुरुआत 30 जून से हुई है और यह 29 जुलाई तक रहेगा।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयन एकादशी के दिन यानी 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चार महीने तक चलने वाले चातुर्मास का आरंभ हो जाता है।
चातुर्मास में क्यों रुक जाते हैं मांगलिक कार्य?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है।
इस अवधि में साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर तपस्या, ध्यान और धार्मिक साधना करते हैं। चातुर्मास को आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का समय माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार, आषाढ़ मास में भक्ति, जप, तप, ध्यान, सत्संग, स्वाध्याय और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है।
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चातुर्मास का धार्मिक महत्व
चातुर्मास का समय मन, वचन और कर्म की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु, भगवान शिव और अपने आराध्य देव की पूजा करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति में भी बदलाव देखने को मिलता है। इस समय किसान खरीफ फसलों, खासतौर पर धान की खेती की शुरुआत करते हैं।
चातुर्मास 2026 में पड़ने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार
8 जुलाई 2026 – शीतला अष्टमी
इस दिन माता शीतला की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना से माता की आराधना करते हैं।
10 जुलाई 2026 – योगिनी एकादशी
योगिनी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित महत्वपूर्ण व्रतों में से एक मानी जाती है।
14 जुलाई 2026 – भौमवती अमावस्या
मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दिन पूजा, दान और पितरों का स्मरण किया जाता है।
15 जुलाई 2026 – गुप्त नवरात्रि आरंभ
गुप्त नवरात्रि में देवी उपासना और साधना का विशेष महत्व माना जाता है।
16 जुलाई 2026 – भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
इस दिन भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है, जो धार्मिक आस्था का बड़ा पर्व है।
25 जुलाई 2026 – हरिशयन एकादशी
इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होगी और भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करेंगे।
29 जुलाई 2026 – गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुजनों का सम्मान और पूजा करने की परंपरा है। यह दिन ज्ञान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
चातुर्मास में करें ये शुभ कार्य
- भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें।
- मंत्र जाप और ध्यान करें।
- जरूरतमंदों को दान करें।
- धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें।
- सात्विक जीवनशैली अपनाएं।
चातुर्मास का समय धार्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए विशेष माना जाता है। श्रद्धा और नियमों के साथ इस अवधि का पालन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आने की धार्मिक मान्यता है।

