हरियाली अमावस्या 2026 इस बार 12 अगस्त को मनाई जाएगी। सावन की इस विशेष तिथि पर स्नान-दान, शिव पूजा और पितृ तर्पण का अत्यंत महत्व है।
हरियाली अमावस्या 2026: सावन माह की पवित्र हरियाली अमावस्या इस वर्ष 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। यह तिथि स्नान-दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
हरियाली अमावस्या की तिथि
इस वर्ष हरियाली अमावस्या 12 अगस्त की रात 01:55 बजे शुरू होकर रात 11 बजे के आसपास समाप्त होगी। पूरे दिन यह तिथि मान्य रहेगी, इसलिए स्नान, दान और पूजा-पाठ इसी दिन किए जाएंगे।
धार्मिक और प्राकृतिक महत्व
हरियाली अमावस्या को प्रकृति पर्व भी कहा जाता है। सावन माह में पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, पौधारोपण, दान और शिव पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
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इस बार क्यों है खास
वर्ष 2026 की हरियाली अमावस्या विशेष मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक कार्यों और पूजन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उत्सव और परंपराएं
देशभर में, खासकर उत्तर भारत, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इस दिन धार्मिक स्थलों और नदियों के किनारे विशेष आयोजन होते हैं। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला उत्सव का समापन भी इसी दिन होता है। शिव मंदिरों में भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार और आरती की जाती है।

