उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर प्रणाली को सरल, डिजिटल और व्यापारी-हितैषी बनाने के निर्देश दिए। राजस्व संग्रह, GST सुधार और व्यापारियों की सुविधा पर जोर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग को निर्देश दिया है कि राजस्व संग्रह को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापारियों और ईमानदार करदाताओं को बेहतर सेवाएं, त्वरित शिकायत निवारण और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
कर प्रणाली को सरल और डिजिटल बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कर विभाग की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कर प्रणाली को सरल, डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।
GST प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने GST पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने, रिफंड प्रक्रिया और अपील निपटान में होने वाली देरी को खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए।
व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने और जिला व ब्लॉक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। छोटे व्यवसायियों के लिए करदाता सहायता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
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राजस्व संग्रह में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य ने GST और VAT के तहत ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व संग्रह किया, जो संशोधित लक्ष्य का लगभग 98.8 प्रतिशत है। GST संग्रह में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।
तकनीक और डेटा विश्लेषण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर चोरी रोकने के साथ-साथ वैध व्यापार को बढ़ावा देने के लिए तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।
व्यापारी संपर्क कार्यक्रमों का विस्तार
अधिकारियों ने बताया कि GST सुधारों और व्यापारिक जागरूकता को लेकर सभी 75 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब जून 2026 से ब्लॉक स्तर पर भी आउटरीच कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

