उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अवैध अतिक्रमण हटाने, मानसून तैयारी, चार धाम यात्रा और विकास योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा स्थित अपने आवास से जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर राज्य में चल रहे प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने भूमि अतिक्रमण, मानसून तैयारियों, सार्वजनिक सेवाओं और चार धाम यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं की संपत्तियों का विस्तृत सर्वे कराने और भूमि लेन-देन की जांच तेज करने को कहा। धामी ने यह भी निर्देश दिया कि अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन को तत्काल राज्य सरकार के अधीन लाया जाए।
शत्रु संपत्ति और वक्फ संपत्तियों की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने शत्रु संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने और वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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सुरक्षा और सत्यापन अभियान तेज करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने, सत्यापन अभियान को तेज करने और सार्वजनिक सेवा केंद्रों की नियमित जांच करने के आदेश दिए। साथ ही अवैध दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने वालों की पहचान करने को कहा।
मानसून और आपदा प्रबंधन की तैयारी
आगामी मानसून को देखते हुए धामी ने सभी जिलों को आपदा प्रबंधन की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से पहले सभी व्यवस्थाएं मजबूत की जाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए।
चार धाम यात्रा और विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कैंची धाम बाईपास परियोजना को अगले महीने तक पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने कृषि और बागवानी योजनाओं जैसे एप्पल मिशन, कीवी मिशन और पॉली हाउस परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

