यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को लेकर हरियाणा सरकार सतर्क, फरीदाबाद और गुरुग्राम में व्यापक तैयारियां
चंडीगढ़, 8 मई। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर हरियाणा सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आगामी 24 मई को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने फरीदाबाद और गुरुग्राम जिलों में विशेष इंतजाम किए हैं। परीक्षा के लिए फरीदाबाद में 37 और गुरुग्राम में 52 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
राज्य के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा केवल एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि देश के भविष्य के प्रशासनिक नेतृत्व को चुनने की प्रक्रिया है, इसलिए इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद के उपायुक्त, पुलिस आयुक्त तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, बिजली आपूर्ति, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाएं और अभ्यर्थियों की सुविधा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा वाले दिन सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अफवाह, नकल या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखने और यातायात पुलिस को परीक्षा समय के दौरान सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अभ्यर्थियों की सुविधा पर विशेष जोर
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध रहे, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई न हो।
इसके साथ ही सभी केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, बैठने की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष प्रबंध करने के निर्देश भी दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
हरियाणा सरकार ने परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और रखरखाव को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने पर सरकार का जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में परीक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं को समान अवसर मिल सके। राज्य सरकार परीक्षा संचालन में आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक समन्वय का भी उपयोग कर रही है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ी है परीक्षा
सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर वर्ष लाखों युवा इस परीक्षा में भाग लेते हैं और प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर देश सेवा का सपना पूरा करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है।
हरियाणा सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि इस बार परीक्षा का संचालन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी
प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच कर ली जाए। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है।
सरकार का मानना है कि बेहतर प्रशासनिक तैयारी और सख्त निगरानी के जरिए परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सकता है। यही कारण है कि इस बार हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

