हरियाणा सरकार की गन्ना किसानों को बड़ी राहत, चौड़ी कतारों में गन्ना लगाने पर अब मिलेंगे 5000 रुपये प्रति एकड़
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए “गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन” के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर दी है। अब चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 5000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले किसानों को केवल 3000 रुपये प्रति एकड़ का लाभ दिया जा रहा था। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में की गई घोषणा को अब पूरी तरह लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि आज के समय में खेती को केवल पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि तकनीक आधारित और वैज्ञानिक पद्धति से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत सरकार चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण को बढ़ावा दे रही है। इस पद्धति से गन्ने की फसल में बेहतर वायु संचार, सिंचाई में आसानी और उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके साथ ही किसानों की लागत भी कम होती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर बनती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्नदाता नहीं बल्कि प्रदेश की आर्थिक मजबूती का आधार है। किसानों की समृद्धि से ही राज्य और देश का विकास संभव है। इसलिए सरकार किसानों के हित में लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की जानकारी
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गन्ना उत्पादक किसान 15 अक्तूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित खेतों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और फरवरी 2027 के अंत तक पात्र किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि सीधे भेज दी जाएगी।
सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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एकल-आंख विधि से गन्ना बिजाई पर भी मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने केवल चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण ही नहीं बल्कि एकल-आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए भी राहत दी है। अब इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को भी 5000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले इस योजना के तहत 3000 रुपये प्रति एकड़ दिए जाते थे।
विशेषज्ञों के अनुसार एकल-आंख विधि से गन्ना लगाने पर बीज की बचत होती है और फसल का विकास अधिक संतुलित तरीके से होता है। इससे उत्पादन लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ने की संभावना रहती है।
सहकारी चीनी मिलें उपलब्ध करवाएंगी हार्वेस्टर मशीन
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों की फसल कटाई की लागत कम करने के लिए प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। किसान इन मशीनों का उपयोग करके कम समय और कम खर्च में गन्ने की कटाई कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत को देखते हुए कृषि यंत्रीकरण समय की मांग है। सरकार चाहती है कि किसान आधुनिक मशीनों का लाभ उठाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।
टिश्यू कल्चर तकनीक से बढ़ेगा गन्ने का उत्पादन
बैठक में कृषि मंत्री ने टिश्यू कल्चर तकनीक को भी किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इस पद्धति से तैयार गन्ने की पौध किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएगी। करनाल सहकारी चीनी मिल में इस तकनीक से पौध तैयार की जाएगी।
किसान अक्तूबर 2026 से दिसंबर 2026 तक इस पौध को प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार पौध रोगमुक्त होती है और इससे गन्ने की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा सरकार की यह पहल गन्ना किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो सकती है। प्रोत्साहन राशि में वृद्धि, आधुनिक तकनीक का उपयोग, मशीनों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण पौध किसानों की खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाएगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार आने वाले समय में किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक, जैविक खेती और उन्नत बीजों के उपयोग के प्रति भी जागरूक करेगी ताकि खेती में उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ सके।
कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास
बैठक के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, निदेशक श्री राजनारायण कौशिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर चर्चा की।
सरकार का कहना है कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और योजनाओं के माध्यम से हरियाणा को कृषि के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

