भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को एंटी डोपिंग नियमों और अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी करते हुए घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने से अस्थायी रूप से रोक दिया है।
विनेश फोगाट एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ ने एंटी डोपिंग नियमों के कथित उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया है। महासंघ ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कुछ समय के लिए घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक दिया है।
इस फैसले के बाद विनेश फोगाट अब आगामी राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। यह प्रतियोगिता उनकी लंबे समय बाद होने वाली वापसी मानी जा रही थी, लेकिन अब उनके सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है।
महासंघ ने लगाए गंभीर आरोप
भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा जारी विस्तृत नोटिस में विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महासंघ का कहना है कि उनके व्यवहार और गतिविधियों से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है।
नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों, महासंघ के संविधान और एंटी डोपिंग से जुड़े प्रावधानों का कथित उल्लंघन किया है। महासंघ ने उनसे चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है।
इनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान वजन से संबंधित विवाद, डोपिंग जांच से जुड़ी जानकारी उपलब्ध न कराने के आरोप तथा चयन प्रक्रिया से संबंधित नियमों के उल्लंघन जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।
वापसी से पहले लगा बड़ा झटका
विनेश फोगाट ने पिछले वर्ष सक्रिय कुश्ती से दूरी बनाने के बाद दोबारा वापसी का फैसला किया था। माना जा रहा था कि राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता उनके करियर की नई शुरुआत साबित हो सकती है।
लेकिन महासंघ के इस फैसले के बाद अब उनका वापसी अभियान फिलहाल रुक गया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें जून 2026 तक घरेलू स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।
खेल जगत में इस फैसले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि नियमों का पालन सभी खिलाड़ियों के लिए समान रूप से जरूरी है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि मामले की पूरी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
also read : आतिफ असलम के कार्यक्रम में हंगामा, मंच पर पहुंची प्रशंसक के कारण बीच में रुका संगीत समारोह
एंटी डोपिंग नियमों को लेकर सख्ती
भारतीय खेलों में पिछले कुछ वर्षों से एंटी डोपिंग नियमों को लेकर काफी सख्ती बढ़ाई गई है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी और विभिन्न खेल महासंघ लगातार खिलाड़ियों की निगरानी कर रहे हैं ताकि खेलों की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
विशेष रूप से खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन और जांच से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। नियमों का उल्लंघन होने पर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को भी नोटिस
इस मामले के बीच यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा का नाम भी चर्चा में आया है। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने दोनों खिलाड़ियों को भी जांच से संबंधित नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर नोटिस भेजा है।
बताया जा रहा है कि दोनों खिलाड़ियों से निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया है। यह मामला खिलाड़ियों द्वारा अपनी उपलब्धता और लोकेशन से संबंधित नियमों के पालन से जुड़ा हुआ है।
हालांकि अब तक किसी खिलाड़ी को दोषी घोषित नहीं किया गया है और जांच प्रक्रिया जारी है।
खेल जगत में बढ़ी चिंता
विनेश फोगाट पर हुई कार्रवाई के बाद भारतीय खेल जगत में एंटी डोपिंग नियमों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को केवल मैदान पर प्रदर्शन ही नहीं बल्कि नियमों और प्रक्रियाओं का भी पूरी गंभीरता से पालन करना चाहिए।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत बनाए रखने के लिए अनुशासन और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में महासंघ और एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदम खिलाड़ियों के लिए भी एक संदेश माने जा रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब सभी की नजर विनेश फोगाट के जवाब पर टिकी हुई है। उन्हें नोटिस का उत्तर देने के लिए निश्चित समय दिया गया है। इसके बाद महासंघ आगे की कार्रवाई तय करेगा।
यदि विनेश अपने ऊपर लगे आरोपों का संतोषजनक जवाब देने में सफल रहती हैं तो मामले में राहत मिल सकती है। वहीं यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
फिलहाल यह मामला भारतीय खेल जगत का बड़ा विषय बना हुआ है और प्रशंसक लगातार इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

