Nayab Singh Saini ने मंडी गोबिंदगढ़ में कहा—मोदी नेतृत्व को मजबूत करने से पंजाब में उद्योग, निवेश और विकास को नई गति मिलेगी।
चंडीगढ़ के पास मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित उद्योगपतियों की एक अहम बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पंजाब की मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य के सामने इस समय विकास और अस्थिरता के बीच स्पष्ट विकल्प मौजूद है और यदि पंजाब के लोग प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व को मजबूत करते हैं, तो राज्य को भी ‘विकसित भारत’ की तर्ज पर ‘विकसित पंजाब’ बनाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण पंजाब की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन भाजपा की सरकार बनने पर राज्य को फिर से समृद्ध और “रंगीला पंजाब” बनाया जाएगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मंडी गोबिंदगढ़, जिसे देशभर में “स्टील टाउन” के रूप में जाना जाता है, के औद्योगिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां के उद्योग आज कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने बिजली संकट, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीतिगत अस्थिरता को उद्योगों की गिरती स्थिति के प्रमुख कारणों में गिनाया।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के चलते छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे अधिक असर पड़ा है और हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उद्योग जगत की समस्याओं को उठाने वाले कारोबारी और मीडिया संस्थान भी दबाव का सामना कर रहे हैं।
Nayab Singh Saini ने हरियाणा मॉडल को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने उद्योगों के लिए नीतियों को सरल बनाया है और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में बिजली, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। उन्होंने जानकारी दी कि निवेश को और आसान बनाने के लिए ‘लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ जैसी नई व्यवस्था लाई जा रही है, जिसके तहत निवेशकों को 45 दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र मिलेगा।
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उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा में 48 विभागों के 1100 से अधिक गैर-जरूरी नियमों को समाप्त किया गया है और भूमि पूलिंग नीति में सुधार करके बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को गति दी जा रही है। तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई जैसे क्षेत्रों में नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, छोटे व्यापारियों और एमएसएमई इकाइयों के लिए बीमा योजना शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों ने देश के औद्योगिक ढांचे को मजबूत किया है और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है। उन्होंने हरियाणा में “उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद” के गठन का भी उल्लेख किया, जो उद्योग और श्रमिकों के बीच विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का मंच प्रदान करती है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के उद्योगपतियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य के सामने एक स्पष्ट रास्ता है—या तो विकास और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ा जाए या फिर अस्थिरता और नीतिगत भ्रम के साथ आगे बढ़ा जाए। उन्होंने उद्योगपतियों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर हल करने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख उद्योगपति और राजनीतिक नेता भी उपस्थित रहे, जिनमें Aseem Goel, Subhash Sharma सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य को विकास के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा और औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा दी जाएगी।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति और उद्योग जगत में चर्चा तेज हो गई है, जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल अपनी नीतियों का बचाव कर रहा है, वहीं विपक्ष राज्य के विकास और निवेश के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पंजाब की औद्योगिक नीति और राजनीतिक दिशा किस ओर आगे बढ़ती है।

