Anurag Rastogi की समीक्षा बैठक में फैसला, हरियाणा में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के लिए ऑनलाइन लीव मैनेजमेंट और एसीआर सिस्टम लागू होगा।
चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देते हुए डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्णय लिया है। राज्य के मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने स्पष्ट किया कि शासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सभी विभागों में ऑनलाइन लीव मैनेजमेंट सिस्टम को अनिवार्य किया जा रहा है, जबकि अप्रैल 2027 तक वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल रूप में परिवर्तित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज, सुगम और जवाबदेह बनाना है, ताकि कर्मचारियों के प्रबंधन से लेकर फाइलों के निपटान तक हर प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित हो सके।
बैठक में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि इस प्लेटफॉर्म के अंतर्गत कर्मचारी प्रबंधन से जुड़े 18 विभिन्न मॉड्यूल पहले से संचालित हैं। कई विभागों ने इसमें उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है, लेकिन सरकार का लक्ष्य इसे सभी विभागों, बोर्डों और निगमों में समान रूप से लागू करना है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करें और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें, जिसमें मानव संसाधन विभाग, खजाना विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और National Informatics Centre की भूमिका अहम होगी।
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डिजिटल प्रशासन के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू के रूप में सेंट्रलाइज्ड फाइल मैनेजमेंट सिस्टम (CFMS) की भी समीक्षा की गई, जिसके माध्यम से सरकारी फाइलों की मूवमेंट और आधिकारिक पत्राचार को ऑनलाइन ट्रैक किया जाता है। कई विभागों ने लंबित फाइलों के निपटान में सुधार की जानकारी दी, जिनमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ग्रामीण विकास और बागवानी विभाग भी बेहतर श्रेणी में रहे। फाइल प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए ‘पार्क्ड फाइल्स’ नामक नई श्रेणी शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे भविष्य में समीक्षा योग्य फाइलों को अलग से ट्रैक किया जा सके।
समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि राज्य में ई-रसीदों के उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है, जो डिजिटल प्रणाली के प्रति विभागों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि ई-फाइलों के सृजन और उपयोग को और बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि पूरी तरह पेपरलेस प्रशासन की दिशा में तेजी लाई जा सके। मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत निगरानी करें और इसके लिए विभागवार एवं जिलावार रोडमैप तैयार करें।
मुख्यमंत्री कार्यालय के उप प्रधान सचिव Dr Yashpal ने जानकारी दी कि एसीआर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित बनाने के लिए इसके प्रारूप में एकरूपता लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल एसीआर सिस्टम को CFMS, सरल पोर्टल और ई-ऑफिस जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, जिससे कर्मचारियों के प्रदर्शन का रियल-टाइम मूल्यांकन संभव होगा और प्रक्रिया में व्यक्तिपरकता को कम किया जा सकेगा।
सरकार ने एचआरएमएस प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विभाग में डोमेन विशेषज्ञों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए हैं, जो तकनीकी एजेंसियों के साथ मिलकर सिस्टम के बेहतर एकीकरण को सुनिश्चित करेंगे। इस पूरी पहल का उद्देश्य न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना है, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
हरियाणा सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह डिजिटल और अधिक कुशल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

