पंजाब सरकार ने गर्मियों में 12,000 मेगावाट से अधिक बिजली मांग को पूरा करने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और मिशन रोशन पंजाब के तहत बड़े कदम उठाए।
चंडीगढ़ से आई ताज़ा जानकारी के अनुसार, पंजाब में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिल रहा है, लेकिन Sanjeev Arora ने स्पष्ट किया है कि राज्य इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों के भीतर बिजली की मांग 7,900 मेगावाट से बढ़कर 12,000 मेगावाट से अधिक हो गई है, जो एक बड़ा उछाल है, फिर भी Punjab State Power Corporation Limited ने मजबूत प्रबंधन और पूर्व तैयारी के चलते ग्रिड स्थिरता बनाए रखी है और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
बिजली मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि Mission Roshan Punjab के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से राज्य के बिजली ढांचे को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया गया है। इस पहल के तहत नए सब-स्टेशन स्थापित करने, पुराने सब-स्टेशनों को अपग्रेड करने, हजारों वितरण ट्रांसफार्मरों को जोड़ने और फीडरों को डी-लोड करने जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप गैर-योजनाबद्ध बिजली कटौती में लगभग 70 प्रतिशत की भारी कमी आई है, जो इस बात का संकेत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार का असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि जहां देश के कई राज्य बिजली की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं पंजाब ने सक्रिय योजना और अग्रिम बिजली प्रबंधन के जरिए अपनी स्थिति को बेहतर बनाए रखा है। राष्ट्रीय स्तर पर 24 अप्रैल को 252 गीगावाट की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई थी, जबकि आपूर्ति 239 गीगावाट के आसपास रही, लेकिन पंजाब ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी अपने उपभोक्ताओं को राहत दी है।
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सरकार की रणनीति के तहत अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से 1,500 से 2,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा निजी स्रोतों और केंद्र सरकार के पावर पूल से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त करने के प्रयास तेज किए गए हैं। वर्ष 2025 की बाढ़ के दौरान प्रभावित हाइडल प्लांटों को बहाल किया जा रहा है, जिससे लगभग 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद है।
बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि उपभोक्ताओं को अधिक बिजली उपलब्ध कराने के लिए दो महीनों के लिए शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक व्हीलिंग चार्ज और क्रॉस सब्सिडी में छूट दी गई है, जिससे बिजली उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के निर्देशानुसार सभी विभाग मिशन मोड में काम कर रहे हैं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर किए गए सुधारों में 70 नए सब-स्टेशन, 200 मौजूदा सब-स्टेशनों का उन्नयन, 8,000 से अधिक वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना और अपग्रेडेशन, तथा हजारों किलोमीटर नेटवर्क को मजबूत करना शामिल है। इसके साथ ही 66 केवी के नए सब-स्टेशन और पावर ट्रांसफार्मरों का संचालन भी शुरू किया गया है।
अंत में, मंत्री ने भरोसा दिलाया कि पीएसपीसीएल की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि घरेलू, कृषि, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिलती रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब न केवल मौजूदा मांग को संभालने में सक्षम है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार है, जिससे राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

