पंजाब में मानसून से पहले बाढ़ से निपटने के लिए CM भगवंत मान ने एम्फीबियस मशीनों की खरीद और ड्रेनों-नहरों की सफाई तेज करने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ से सामने आई एक अहम खबर के मुताबिक, Bhagwant Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए बाढ़ सुरक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में बाढ़ रोकथाम और राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उन्नत एम्फीबियस मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी है। ये आधुनिक मशीनें पानी और जमीन दोनों पर काम करने में सक्षम हैं, जिससे नहरों, ड्रेनों और जल स्रोतों की गहराई तक सफाई संभव हो सकेगी और बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले संभावित नुकसान को न्यूनतम करना और लोगों की जान-माल के साथ-साथ किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मशीनों की खरीद के लिए जल्द से जल्द विस्तृत योजना तैयार की जाए ताकि समय रहते इनका उपयोग शुरू किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में फिनलैंड की यात्रा के दौरान इन मशीनों की कार्यक्षमता को करीब से देखा था, जहां इनका उपयोग जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रभावी ढंग से किया जाता है।
राज्य में बाढ़ से निपटने के लिए ड्रेनों की सफाई, डिसिल्टिंग और नहरों को मजबूत करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि खालों और नालों की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है और कई संवेदनशील क्षेत्रों में पहले ही गाद निकालने का कार्य पूरा कर लिया गया है। विशेष रूप से Rupnagar जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पिछले साल भारी नुकसान हुआ था। यहां लगभग 20 गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए स्टड और स्पर जैसी संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके।
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जल प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि Bhakra Dam में जल स्तर 1680 फीट की अधिकतम सीमा के मुकाबले 26 अप्रैल को 1594 फीट दर्ज किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 1 जून से शुरू होने वाली धान की बुआई को ध्यान में रखते हुए पानी छोड़ने की उचित योजना बनाई जाए। इसके अलावा, 31 मई तक नए खालों के निर्माण और पुराने खालों की बहाली का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वां नदी के चैनलाइजेशन की संभावना पर भी विचार कर रही है, जिससे बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना की व्यवहार्यता का गहन अध्ययन किया जाए।
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और बरिंदर कुमार गोयल, लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक प्रयास माना जा रहा है, जो राज्य के लाखों लोगों के लिए राहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

