हरियाणा में 10 मई को होने वाले नगर निकाय चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों और शिकायत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की।
हरियाणा में आगामी नगर निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने 10 मई को प्रस्तावित नगर निगम, नगर परिषद और नगर समितियों के चुनावों के लिए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के साथ-साथ शिकायत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। आयोग के सचिव गौरव कुमार ने बताया कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और हरियाणा सिविल सेवा (HCS) के अधिकारियों को सामान्य पर्यवेक्षक, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षक और आबकारी एवं कराधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यय पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी करना और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना है।
नगर निगम अंबाला, सोनीपत और पंचकूला जैसे प्रमुख शहरी निकायों के लिए अलग-अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि नगर परिषद रेवाड़ी और नगर समितियां उकलाना, सांपला और धारूहेड़ा में भी विशेष निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रत्येक क्षेत्र में शिकायतों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
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राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, आम जनता की शिकायतों और राजनीतिक दलों से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जहां संभव हो, शिकायतों का समाधान 48 घंटे के भीतर किया जाए। इसके लिए प्रत्येक नोडल अधिकारी के अधीन एक विशेष शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा, जिसमें सभी शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा।
आयोग ने पंचकूला स्थित मुख्यालय में केंद्रीय स्तर पर भी शिकायत नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है, जो सभी जिलों से आने वाली शिकायतों के समन्वय का कार्य संभालेंगी। यह व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। आयोग का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी दबाव या भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूती मिले।
इस व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था के साथ हरियाणा में नगर निकाय चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि यह चुनाव निष्पक्षता और पारदर्शिता का उदाहरण पेश करेंगे।
