हरियाणा सरकार कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में विकसित कर वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी में, महाभारत अनुभव केंद्र का भी होगा विस्तार।
हरियाणा सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिसके तहत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व वाले कुरुक्षेत्र को ‘गीता स्थली’ के रूप में विकसित कर देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बनाने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। इस दिशा में पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने चंडीगढ़ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक में कुरुक्षेत्र के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण के लिए एक मास्टर प्लान पर चर्चा की गई, जिसके तहत पिपली से ज्योतिसर तक बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे। इस मास्टर प्लान को जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। योजना के अनुसार, कुरुक्षेत्र को धर्मनगरी और गीता स्थली के रूप में इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त कर सके।
इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महाभारत अनुभव केंद्र का विस्तार और आधुनिकीकरण भी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस केंद्र के जी-ब्लॉक के शेष निर्माण कार्य को ‘गौरवशाली भारत’ और ‘सरस्वती सिंधु सभ्यता’ की थीम पर विकसित किया जाए। इसके साथ ही केंद्र के मुख्य द्वार को आकर्षक म्यूरल डिजाइनों से सजाया जाएगा, जिससे इसकी भव्यता और बढ़ेगी। इस अनुभव केंद्र में सोवेनियर शॉप, फूड कोर्ट और फोटो शॉप जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव मिल सके।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि महाभारत अनुभव केंद्र केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन की गहराई को समझने का माध्यम है। उन्होंने गर्मियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र के संचालन समय को बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आ सकें।
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इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित 50 ‘आइकॉनिक साइट्स’ में से एक के रूप में कुरुक्षेत्र को शामिल करने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिए हरियाणा सरकार तीन प्रमुख स्थलों के नाम केंद्र को भेजेगी, जिनमें कुरुक्षेत्र प्रमुख दावेदार है। यदि इस सूची में कुरुक्षेत्र का चयन होता है, तो यहां के विकास को और गति मिलेगी और यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान हासिल करेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जन-जागरूकता अभियानों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कुरुक्षेत्र के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाए जाएं और नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिनमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों, सड़कों और एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के नीचे के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए भी विशेष योजना तैयार की जा रही है।
इस बैठक में कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जबकि केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल और पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक ममता शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल के माध्यम से हरियाणा सरकार न केवल पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठा रही है।

