हरियाणा सरकार फार्म टूरिज्म और होम स्टे को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन पर फोकस कर रही है, नई नीति जल्द लाई जाएगी।
हरियाणा सरकार राज्य में पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी में है, जहां फार्म टूरिज्म और होम स्टे के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस दिशा में पर्यटन विभाग तेजी से काम कर रहा है और जल्द ही एक व्यापक नीति लाने की योजना बनाई जा रही है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने फार्म टूरिज्म और होम स्टे संचालकों के साथ विस्तार से चर्चा की और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया।
बैठक में यह बात सामने आई कि फार्म टूरिज्म और होम स्टे का वैश्विक बाजार लगभग 5000 करोड़ रुपये का है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में यदि हरियाणा इस क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ता है, तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। संचालकों ने विभिन्न विभागों से जुड़ी अनुमतियों और बुनियादी सुविधाओं में आने वाली कठिनाइयों को साझा किया और सरकार से समाधान की मांग की।
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डॉ. अग्रवाल ने संचालकों से कहा कि वे अपनी समस्याओं को अगले पांच दिनों में लिखित रूप में प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर एक प्रभावी फार्म टूरिज्म और होम स्टे नीति तैयार की जा सके। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नीति को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही इन सेवाओं को ‘सेवा का अधिकार अधिनियम’ के अंतर्गत शामिल करने की भी योजना है, जिससे सभी जरूरी सेवाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध हो सकें।
इस दौरान यह भी जानकारी दी गई कि हरियाणा सरकार अन्य राज्यों में लागू एग्रो टूरिज्म और होम स्टे नीतियों का अध्ययन कर रही है, ताकि राज्य की नीति को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जा सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस पहल में विशेष रुचि ले रहे हैं और उनके निर्देशानुसार टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को उद्योगों के समान बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि फार्म टूरिज्म और होम स्टे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, खानपान और परंपराओं को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार द्वारा भी इस क्षेत्र को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत शामिल किया गया है, जिससे निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल के जरिए हरियाणा सरकार पर्यटन के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

